भाई लक्ष्मण सिंह के नामांकन में मौजूद दिग्विजय सिंह
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की पहली ही सूची में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय का दबदबा दिखा जब उनके भाई और बेटे दोनों को टिकट दे दिया गया। सोमवार को दिग्विजय खुद भाई और बेटे के नामांकन के समय जिला निर्वाचन कार्यालय में मौजूद रहे। दिग्विजय के भाई लक्ष्मण सिंह गुना जिले की चाचौड़ा विधानसभा से खड़े हुए हैं। दिग्विजय के बेटे जयवर्धन सिंह ने भी राघौगढ़ विधानसभा सीट से सोमवार को ही अपना पर्चा दाखिल किया। दोनों ही कांग्रेस उम्मीदवारों के साथ समर्थकों का हुजूम मौजूद रहा।
लक्ष्मण सिंह इससे पहले भी दो बार जीत का डंका बजा चुके हैं। राघौगढ़ सीट कांग्रेस की परंपरागत सीट रही है और भाजपा के लिए हमेशा से एक चुनौती रही है। पिछले विधानसभा में भाजपा ने जिस उम्मीदवार पर दांव खेला था उसे 58,204 मतों से करारी हार का सामना करना पड़ा था। इस बार भाजपा ने भूपेंद्र रघुवंशी पर दांव खेला है।
2003 के चुनाव में भाजपा ने शिवराज सिंह चौहान को इस सीट से टिकट दिया, लेकिन वह भी दिग्विजय सिंह के आगे टिक नहीं सके। 2008 में कांग्रेस ने मूलसिंह दादाभाई को टिकट दिया जिन्होंने भाजपा उम्मीदवार भूपेंद्र सिंह रघुवंशी को हराया। रघुवंशी को इस बार फिर यहां से टिकट मिला है।