धार जिले के धरमपुरी में शुक्रवार सुबह एक अनोखी घटना देखने को मिली, जब करंट लगने से मरे एक बंदर का स्थानीय लोगों ने इंसानों की तरह हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया। भिलट देव मंदिर के पास करंट की चपेट में आकर बंदर की मौत हो गई थी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस क्षेत्र में दो बंदर लंबे समय से रह रहे थे। शुक्रवार सुबह इनमें से एक बंदर की करंट लगने से मौत हो गई। उसका साथी बंदर काफी देर तक मृत बंदर के पास बैठा रहा, जिससे लोगों की आंखें नम हो गईं। इसके बाद ग्रामीणों ने बंदर को परिवार के सदस्य की तरह सम्मान दिया। ढोल-नगाड़ों के साथ उसकी शव यात्रा निकाली गई और शीतला माता घाट, नर्मदा नदी के किनारे, विधिपूर्वक उसका अंतिम संस्कार किया गया।
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इस मौके पर लोगों ने कहा कि यह घटना उनके लिए एक भावनात्मक अनुभव रही और इससे उन्हें यह सीख मिली कि मूक प्राणियों के प्रति भी संवेदनशीलता जरूरी है। उन्होंने कहा कि जानवरों की सुरक्षा और सम्मान के लिए समाज को जागरूक होना चाहिए। स्थानीय निवासी ने कहा कि हमने कभी नहीं सोचा था कि किसी बंदर का अंतिम संस्कार करेंगे, लेकिन आज जो किया, वह हमारे भीतर जानवरों के लिए प्रेम और करुणा की भावना को दर्शाता है।