धार जिले के धामनोद थाना अंतर्गत ग्राम मेहगांव के एक 22 वर्षीय युवक की सोमवार शाम धरमपुरी थाना अंतर्गत नर्मदा किनारे लाश मिलने के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने एकत्रित होकर धामनोद थाना पुलिस और मेहगांव के एक परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।
परिजनों के अनुसार पूरा मामला 22 वर्षीय युवक शशांक दुबे और एक युवती की इंस्टाग्राम पर बातचीत को लेकर शुरू हुआ। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि गांव के ही एक परिवार ने चोरी का झूठा इल्जाम लगाकर मृतक युवक शशांक और उसके पिता अजय दुबे के खिलाफ धामनोद थाने में आवेदन दिया था, जिसे लेकर दोनों पिता-पुत्र को 16, 17 और 18 अगस्त तीन दिनों तक रोज धामनोद थाने पर बुलाकर उन पर दबाव बनाते हुए उन्हें प्रताड़ित किया गया। इसके बाद 19 अगस्त की सुबह साढे़ 9 बजे घर से निकले पंडित अजय दुबे और मृतक शशांक दुबे लापता हो गए, जिसे लेकर परिजनों द्वारा धामनोद थाने पर भी सूचना दी गई।
परिजनों का आरोप है कि हर बार थाने पर उन्हें जांच चल रही है कहकर टाल दिया जाता था। परिजन लगातार पिता-पुत्र को ढूंढ रहे थे , इसी दौरान मंडलेश्वर थाना इलाके में लापता पिता-पुत्र की बाइक और जूते-चप्पल मिले, जिसकी सूचना पुलिस द्वारा परिजनों को दी गई। परिजनों के होश उस समय उड़ गए, जब सोमवार शाम उन्हें सूचना मिली कि धरमपुरी में उनके लापता हुए बेटे की लाश मिली है। सूचना पर परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे और मंगलवार को मृतक युवक का अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद परिजनों सहित गांव के लोग बड़ी संख्या में धामनोद थाने पर एकत्रित हुए और गांव के ही एक परिवार सहित पुलिस पर मारपीट व दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।
परिजनों ने कुल 7 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची धामनोद एसडीओपी मोनिका सिंह ने कहा कि पिता और पुत्र की गुमशुदगी दर्ज थी और उन्हें लगातार तलाश किया जा रहा था। मंडलेश्वर थाना अंतर्गत लापता पिता-पुत्र की बाइक मिली थी, वहीं युवक का शव धरमपुरी थाना अंतर्गत मिला है, जिसे लेकर आगे जांच की जा रही है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर उन्होंने कहा कि परिजनों का आरोपों को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।