मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मूल रूप से तो मैं जन्माष्टमी मनाने के लिए आया हूं, लेकिन लेकिन जनप्रतिनिधि विकासकार्यों की मांग कर रहे है। उन्होंने कहा है कि गोपाल को भज लो सब काम हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि अमझेरा की धरती शौर्य की धरती वीरता की धरती है। यहां के राणा बख्तावर सिंह जी ने जो लड़ाई अंग्रेजों के खिलाफ लड़ी वह अद्वितीय है। हम उसको आज भी स्मरण कर रहे हैं।
यहां लोगों ने बलिदान करके हमारे मस्तक को गर्व से ऊंचा किया। उन्होंने कहा है कि जिसका जन्म हुआ है, उसकी मृत्यु निश्चित है भगवान श्री कृष्ण को याद करें। उनका पूरा जीवन हमारे लिए पाथेय हैं। भगवान श्री कृष्णा ने जन्म से लेकर विपत्तियों का सामना किया।
भगवान श्री कृष्ण को माखन चोर कहने वाले प्रसंग पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने विस्तृत में बताते हुए कहां की भगवान श्री कृष्ण की माता ने उनसे कहा था कि उनके लोगों के द्वारा बनाया गया माखन कंस के घर जाता है, जोकि भगवान श्री कृष्ण का दुश्मन था। लिहाजा भगवान नंदलाला और बृजवासियों का माखन कंस को नहीं जाए, इसलिए माखन को खा जाते थे और दोस्तों के साथ मटकी फोड़ देते थे।
भगवान श्री कृष्ण ने धर्म के लिए पूरा जीवन दिया यह हमारे लिए सौभाग्य है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि अमझेरा को तीर्थ नगरी के रूप में विकसित किया जायेगा, साथी जहां-जहां भगवान श्री कृष्णा और राम जी के निशान है वहां वहां सरकार उन्हें विकसित करेगी। साथ ही डॉक्टर मोहन यादव ने कहा है कि सरकार अब गोपालको कों बढ़ावा देगी। सरकार 10 गायों से अधिक गाय पालने वाले गो पालको को अनुदान देगी, उनसे दूध खरीदा जायेगा।