इंद्रपाल पटेल की जमानत हाईकोर्ट ने पांचवीं बार खारिज कर दी है।
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दमोह जिले के हटा में हुए कांग्रेसी नेता देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड मामले में आरोपी बने वर्तमान हटा जनपद अध्यक्ष इंद्रपाल पटेल की जमानत हाईकोर्ट ने पांचवीं बार खारिज कर दी है। इंद्रपाल पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल का बेटा है और इस हत्याकांड में पथरिया विधायक रामबाई परिहार के परिजनों पर भी आरोप है।
बता दें कि 2019 में देवेन्द्र चौरसिया की हत्या हुई थी। मामले में पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता मनीष नगाइच ने बताया कि पिछले 4 सालों से हटा जेल के विचाराधीन कैदी व हटा जनपद पंचायत अध्यक्ष इंद्रपाल पटेल द्वारा हाईकोर्ट में पांचवीं बार जमानत अर्जी दाखिल की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी। साथ ही टिप्पणी की है कि आरोपी रसूखदार है व अन्य आरोपियों की जमानतें सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो चुकी हैं। साथ ही पूरे घटनाक्रम में आरोपी की सक्रिय भूमिका रही है। घटना के लिए आरोपी ने अपना वाहन उपलब्ध करवाया था और वह सम्पूर्ण घटनाक्रम में अनैतिक समूह का सक्रिय सदस्य रहा है। देवेंद्र चौरसिया की हत्या की गई थी। मृतक देवेंद्र चौरसिया के बेटे सोमेश को प्राण घातक चोटें पहुंचाई गई थीं। इस तथ्य से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि आरोपी रसूखदार होने के चलते मामले के गवाहों को धमका सकता है।
मामले में हाईकोर्ट में पीड़ित पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल खरे ने तर्क दिया कि इस तरह के राजनैतिक रसूखदार आरोपी किसी तरह से जमानत पाने के अधिकारी नहीं हैं, जिन्होंने इस घटनाक्रम को अंजाम दिया है। प्रकरण पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी जनपद पंचायत अध्यक्ष इंद्रपाल की जमानत अर्जी निरस्त कर दी है। बता दें कि देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड में पथरिया विधायक रामबाई सिंह परिहार के पति गोविंद सिंह, उनके देवर चंदू सिंह परिहार, भतीजे गोलू और भाई के अलावा कई लोग आरोपी हैं, जो सभी जेल में बंद हैं।