इंजीनियर दीक्षांत हत्याकांड में आरोपी महिला को जेल भेजा गया है।
- फोटो : सोशल मीडिया
रेलवे इंजीनियर दीक्षांत हत्याकांड के आरोपी मोहसीन लाला और ढोढर निवासी पीहू (परिवर्तित नाम) को एक दिन की रिमांड के बाद कोर्ट में पेश किया। यहां से इन्हें जेल भेज दिया है। पुलिस का दावा है कि हत्या की वारदात को दोनों ने मिलकर अंजाम दिया था। फिलहाल किसी अन्य आरोपी का नाम पूछताछ में सामने नहीं आया है।
मामले के अनुसार 21 जनवरी 2024 की सुबह ग्राम खोडाना चौकीदार की सूचना पर भावगढ़ पुलिस ने लाल रंग की कार एमपी 43 सोबी 0143 से लाश बरामद की थी। मृतक के शरीर पर गोली के निशान थे। घटनास्थल पर एफएसएल टीम को बुलाया गया। मृतक की शिनाख्त दीक्षांत पिता नवीन पण्ड्या निवासी रेलवे कॉलोनी रतलाम के रूप में हुई थी। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 302 के तहत केस दर्ज किया। जांच शुरू हुई तो पता चला कि दीक्षांत के साथ कार में ढोढर की रहने वाली महिला थी। इसे पकड़कर पूछताछ की तो इसने पुराने प्रेमी मोहसीन के साथ मिलकर दीक्षांत की हत्या करना स्वीकार किया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया।
कई किस्से हैं ढोढर वाली पीहू के
पुलिस सूत्रों की मानें तो पीहू के कई किस्से हैं। इसमें इसके आलीशान घर बनाने में कई करोड़पति को कंगाल बनाने की कहानी शामिल है। एक नाम चौपड़ा सेठ का बताया जाता है। जो पीहू के दिवाने हुए तो उनके निजी पलों को इसने कैद किया और फिर सेठ इससे बाहर नही निकल सका। आखिर में कंगाल होकर अपनी कई प्रॉपर्टी तक बेचना पड़ी। ये उदाहरण के लिए मात्र एक किस्सा है। जांच के दौरान जब पीहु का मोबाइल चेक किया गया तो खाकी और खादी वालों से लेकर कई धन्नासेठों के नंबर इसमें मिले। इसे देखकर जांच अधिकारी भी हैरान रह गए। लेकिन जांच सिर्फ दीक्षांत मर्डर ट्रेस करने तक ही सीमित रही।
अपने ही बनाए जाल में फंस गई
दीक्षांत मर्डर के बाद डेरे वाली पीहू खुद पुलिस की गिरफ्त में आ गई है। लेकिन उसने एक तीर से दो शिकार करने की कोशिश की जो साजिश रची थी, अगर वो इसमें सफल हो जाती तो दीक्षांत नाम का प्रेमी तो दुनिया से चला गया। इसकी हत्या करने के आरोप में पुराना प्रेमी मोहसीन भी जेल में पहुंच जाता। लेकिन पुलिस ने दीक्षांत के साथ कार में सवार पीहू के बारे में जानकारी जुटाकर जब उससे सख्ती से पूछताछ की तो पीहू खुद अपने ही बनाए जाल में फंस गई।