लगभग डेढ़ साल पहले शक की वजह से अपनी ही बेटी की हत्या करने वाले पिता अफजल को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। अफजल ने अपनी मासूम बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी थी। विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल ने पिता अफजल को फांसी की सजा सुनाई है। न्यायधीश ने फैसले में कहा कि अफजल को तब तक फांसी के फंदे पर लटकाया जाएगा जब तक उसकी मौत न हो जाए।
अफजल ने कोर्ट में बताया था कि उसे शक था कि बेटी उसकी नहीं है और इसी शक में उसने घटना को अंजाम दिया। बता दें कि घटना 15 मार्च 2017 को लालघाटी स्थित बरेला गांव की है। बच्ची का शव घर के एक पंखे पर लटका हुआ मिला था।
डीएनए टेस्ट के बाद चढ़ा था पुलिस के हत्थे
हत्यारें को पकड़ने के लिए पुलिस ने आठ लोगों का डीएनए टेस्ट कराया था। बच्ची की हत्या के बाद अफजल ने पुलिस को बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने की सूचना दी थी। डॉ. गीता रानी गुप्ता ने बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा किया कि बच्ची के साथ पहले ज्यादती और फिर हत्या की गई है। बच्ची के कपड़ों पर लगे धब्बों का मिलान अफजल के डीएनए से होने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।
इस सालअलग-अलग आपराधिक मामलों में से 19 में फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। भोपाल में सोमवार को सुनाए गए फैसले के पहले इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, कटनी, रतलाम, मंदसौर, नरसिंहपुर, सागर, धार, दतिया जिलों में भी लैंगिक अपराधों में फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है।