शहडोल जिले के ब्यौहारी वन परिक्षेत्र के गोदावल रेंज घोरसा बीट में बाघ की मौत हुई है। घटना की खबर लगते ही अधिकारी मौके पर पंहुचे हैं। डॉक्टर बाघ के शव का पोस्टमार्टम करने की तैयारी में लगे हैं। बाघ की मौत के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।
शहडोल जिले के ब्यौहारी क्षेत्र में एक बाघ की मौत का मामला सामने आया है। बाघ की मौत की खबर मिलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया है। सूचना पाकर आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
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वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार बाघ की मौत चार-पांच दिन पहले हुई होगी। शहडोल जिले की सीमा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और संजय टाइगर रिजर्व, सीधी से लगी हुई है। इस वजह से यहां जंगली जानवरों का आना जाना लगा रहता है।
ये पूरा मामला जिले के ब्यौहारी वन परिक्षेत्र के गोदावल रेंज घोरसा बीट का है जहां बाघ की मौत हुई है। घटना की खबर लगते ही अधिकारी मौके पर पंहुचे हैं। डॉक्टर बाघ के शव का पोस्टमार्टम करने की तैयारी में लगे हैं। बाघ की मौत किन कारणों से हुई अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। जिले में इन दिनों 25 से अधिक टाइगरों का मूवमेंट है। इसकी पुष्टि सीसीएफ एलएल उईके ने भी की है।