जब मंत्री से इस मामले पर बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि बेटे की शादी के बारे में मुझे कुछ नहीं पता और ना ही मैं कभी प्रीती के परिवार से मिला। जब उनसे प्रीती की आत्महत्या पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि मेरे बेटे ने शादी कर ली है। आर्य समाज से जारी सर्टिफिकेट के सवाल पर मंत्री ने कहा कि मुझे कोई जानकारी नहीं है और अगर ऐसा कुछ है तो पुलिस जांच में सच सामने आ जाएगा।
जब मंत्री से पूछा गया कि प्रीती के पिता का आरोप है कि आप लगातार संबंध तोड़ने के लिए प्रीती पर दबाव बना रहे थे, तो उन्होंने कहा कि मैं चंदन सिंह को जानता हूं पर कभी उनसे या उनके परिवार से बातचीत नहीं हुई।
विपक्ष इस मामले में मुझे और मेरे परिवार को बेवजह घसीट रहा है। गिरजेश के सामने ना आने की बात पर मंत्री ने कहा कि मेरे बेटे से मेरी बात हुई है और उसका भी यही कहना है कि उसे फंसाया जा रहा है।
जानकारी के लिए बता दें कि प्रीती मंत्री रामपाल सिंह के घर के ठीक सामने रहती थी। उसके पिता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस ड्राइवर थे। जिसके बाद गिरजेश और प्रीती के बीच जान पहचान हुई और दोनों ने छिपकर आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली। जिसके बाद ससुराल वालों ने प्रीती को अपनाने से इंकार कर दिया।