दतिया में कलेक्टर से विवाद के बाद भांडेर तबादले गए तहसीलदार अमित दुबे को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस मिला है। आवास दूसरे अधिकारी को आवंटित है। 4 सितंबर को सुनवाई होगी, इसके बाद प्रशासन बेदखली कार्रवाई कर सकता है।
दतिया जिले में टीएल बैठक के दौरान कलेक्टर से तीखी बहस के बाद सुर्खियों में आए तहसीलदार अमित दुबे की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। विवाद के बाद दतिया से भांडेर स्थानांतरित किए गए तहसीलदार को अब सरकारी आवास खाली करने का नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने लोक परिसर बेदखली अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
दरअसल, हाल ही में कलेक्ट्रेट में आयोजित समय-सीमा की बैठक के दौरान तहसीलदार अमित दुबे और कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। दोनों अधिकारियों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तहसीलदार अमित दुबे का दतिया से भांडेर तबादला कर दिया था। उन्हें भांडेर में कार्यपालिक दंडाधिकारी का प्रभार सौंपा गया है।
तबादले के बाद अब क्या?
मामले में 4 सितंबर को एसडीएम न्यायालय में सुनवाई निर्धारित की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय में आवास खाली नहीं किया गया तो पुलिस बल की मदद से बेदखली की कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह का एक और मामला सामने आया है। सिविल लाइन में शासकीय हाईस्कूल के पास स्थित सरकारी आवास क्रमांक एफ-1 कलेक्टर के आदेश पर जिला शिक्षा अधिकारी को आवंटित किया गया है। हालांकि, इस आवास में वर्तमान में शासकीय माध्यमिक स्कूल की शिक्षिका रजनी मुखरैया रह रही हैं।
शिकायत मिलने पर क्या हुआ?