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दतिया में तहसीलदार अमित दुबे को झटका: अब सरकारी आवास खाली करने का नोटिस; चार सितंबर को कोर्ट में होगी सुनवाई

Wed, 26 Aug 2026 03:28 PM IST
दतिया ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दतिया

सार

दतिया में कलेक्टर से विवाद के बाद भांडेर तबादले गए तहसीलदार अमित दुबे को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस मिला है। आवास दूसरे अधिकारी को आवंटित है। 4 सितंबर को सुनवाई होगी, इसके बाद प्रशासन बेदखली कार्रवाई कर सकता है।

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कलेक्टर से बहस करना पड़ा भारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दतिया जिले में टीएल बैठक के दौरान कलेक्टर से तीखी बहस के बाद सुर्खियों में आए तहसीलदार अमित दुबे की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। विवाद के बाद दतिया से भांडेर स्थानांतरित किए गए तहसीलदार को अब सरकारी आवास खाली करने का नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने लोक परिसर बेदखली अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।

दरअसल, हाल ही में कलेक्ट्रेट में आयोजित समय-सीमा की बैठक के दौरान तहसीलदार अमित दुबे और कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। दोनों अधिकारियों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तहसीलदार अमित दुबे का दतिया से भांडेर तबादला कर दिया था। उन्हें भांडेर में कार्यपालिक दंडाधिकारी का प्रभार सौंपा गया है।

तबादले के बाद अब क्या?

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तबादले के बाद अब सरकारी आवास को लेकर नया मामला सामने आया है। दतिया एसडीएम ने तहसीलदार अमित दुबे को सिविल लाइन पंचशील नगर स्थित सरकारी आवास क्रमांक एफ-78 खाली करने का नोटिस जारी किया है। प्रशासन के अनुसार, यह आवास कलेक्टर कार्यालय के आदेश पर नायब तहसीलदार समीक्षा गुर्जर को आवंटित किया जा चुका है। ऐसे में दुबे का स्थानांतरण भांडेर होने के बाद नियमानुसार उन्हें आवास खाली करना होगा।

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मामले में 4 सितंबर को एसडीएम न्यायालय में सुनवाई निर्धारित की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय में आवास खाली नहीं किया गया तो पुलिस बल की मदद से बेदखली की कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह का एक और मामला सामने आया है। सिविल लाइन में शासकीय हाईस्कूल के पास स्थित सरकारी आवास क्रमांक एफ-1 कलेक्टर के आदेश पर जिला शिक्षा अधिकारी को आवंटित किया गया है। हालांकि, इस आवास में वर्तमान में शासकीय माध्यमिक स्कूल की शिक्षिका रजनी मुखरैया रह रही हैं।

शिकायत मिलने पर क्या हुआ?

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शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने शिक्षिका को भी आवास खाली करने का नोटिस जारी किया है। उन्हें निर्धारित समय में मकान खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले में भी 4 सितंबर को एसडीएम न्यायालय में सुनवाई होगी। एसडीएम न्यायालय ने दोनों मामलों में सख्त रुख अपनाया है। आदेश में कहा गया है कि यदि संबंधित अधिकारी या शिक्षिका नोटिस लेने से इनकार करते हैं तो नोटिस उनके आवास के मुख्य दरवाजे पर चस्पा किया जाएगा। इसके बाद भी आवास खाली नहीं करने पर नियमानुसार बलपूर्वक बेदखली की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि दोनों सरकारी आवास पहले ही दूसरे अधिकारियों के नाम आवंटित किए जा चुके हैं। इसलिए उन्हें खाली कराना जरूरी है। सरकारी आवास खाली कराने की इस कार्रवाई के बाद दतिया के प्रशासनिक गलियारों में मामला चर्चा में है।

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