मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर करवट ली है। अब तक प्रदेश में 25.5 इंच बारिश हो चुकी है, लेकिन सामान्य आंकड़े से अभी भी 11 प्रतिशत पानी कम है। मौसम का रुख अब पूर्वी हिस्से से बदलकर मध्य, पश्चिमी और उत्तरी जिलों की ओर हो रहा है। अगले दो दिन भोपाल, उज्जैन, सागर, ग्वालियर और चंबल संभाग में बारिश का जोर बढ़ने की संभावना है। भिंड, दतिया और सागर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में कहीं-कहीं ढाई इंच से ज्यादा बारिश हो सकती है।
सिर्फ 15 जिले सामान्य से आगे
प्रदेश में अब तक 40 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। इनमें कई जिलों में बारिश की कमी 3 से 50 प्रतिशत तक है। दूसरी ओर सिर्फ 15 जिले ऐसे हैं, जहां सामान्य से ज्यादा पानी गिर चुका है। पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश की कमी ज्यादा बनी हुई है। पश्चिमी हिस्से के भी कई जिले सामान्य बारिश से पीछे चल रहे हैं।
28.6 इंच होनी थी बारिश, अब तक 25.5 इंच
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस समय तक प्रदेश में करीब 28.6 इंच बारिश हो जानी चाहिए थी। इसके मुकाबले अब तक 25.5 इंच पानी गिरा है। यानी प्रदेश करीब 3.1 इंच पीछे है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 7 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
आज इन जिलों में तेज बारिश का अलर्ट
भिंड, दतिया और सागर में अति भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, उज्जैन, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, दमोह, मैहर और सिवनी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, देवास, रतलाम, मंदसौर, नीमच, खंडवा, खरगोन, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर समेत कई जिलों में भी बारिश होने का अनुमान है।
जून की कमी जुलाई ने संभाली
मानसून की शुरुआत कमजोर रही थी। जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई। जुलाई में अच्छी बारिश ने स्थिति को कुछ संभाला और जुलाई का बारिश कोटा पूरा हो गया। हालांकि मानसून के बीच में दो बार बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने से जून की कमी पूरी तरह नहीं भर सकी।
अगले 3 दिन बारिश का जोर
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश में बारिश कराने वाली प्रणालियां सक्रिय हैं। इनके असर से अगले तीन दिन कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। खासकर उत्तरी, मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
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पूरे सीजन का लक्ष्य 37.3 इंच
मध्य प्रदेश में पूरे मानसून सीजन में औसतन 37.3 इंच बारिश होती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच रहती है। मानसून के बचे दिनों में अच्छी बारिश होती है तो प्रदेश की मौजूदा कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।