कुप्पे लेकर पानी की तलाश में जाता ग्रामीण
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक की जामुनखेड़ा ग्राम पंचायत में पिछले एक सप्ताह से जल संकट बना है, क्योंकि गांव के जितने भी जलस्रोत हैं वे सभी बंद पड़ गए हैं। इस कारण ग्रामीण पानी की तलाश में यहां से वहां भटक रहे हैं।
बता दें कि ग्राम पंचायत जामुनखेड़ा तेंदूखेड़ा मुख्यालय से चार किलोमीटर दूर है। यहां की जनसंख्या 1300 के करीब है और वर्तमान में सतधरू योजना के 350 नल कनेक्शन हैं। गांव में पंचायत की पेयजल सप्लाई योजना भी है। उसके बाद भी यहां जल संकट बना हुआ है। सतधरू योजना बंद पड़ी है और एक सप्ताह पूर्व ग्राम पंचायत की मोटर जल गई। इसलिए पंचायत की जल योजना भी बंद हो गई। ग्रामीण सुबह से साइकिल और हाथ में पानी के कुप्पे लेकर पानी की खोज में निकल पड़ते हैं। आलम यह है कि दो कुप्पा पानी लाने में भी घंटों लग जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गर्मियों के दिनों मे अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा पानी की जरूरत पड़ती है। गांव में एक सप्ताह से सभी जलस्रोत बंद पड़े हैं।
जामुनखेड़ा निवासी चंदप्रकाश शर्मा ने बताया कि एक सप्ताह से जामुनखेड़ा में पानी संकट बना हुआ है। मोटर जल जाने के बाद ग्रामीण पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। कोई कुएं पर जाता है तो कोई दूर दराज खेतों में खुदे बोर से पानी लाकर पानी की पूर्ति कर रहा है। कई दिनों से हम लोग यह समस्या उठा रहे हैं, लेकिन सुधार नहीं हो पा रहा है। छोटे सिंह लोधी ने बताया कि कहने के लिए जामुनखेड़ा गांव में सतधरू योजना के 350 कनेक्शन है, लेकिन उनमें से मात्र 20 से 25 कनेक्शनों में ही पानी आता है। बाकी कनेक्शनों मे आज तक पानी नहीं आया। जबकि सभी ग्रामीणों ने सुविधा के अनुसार कनेक्शन लिए थे जो पूरी तरह से बंद पड़े हैं। जबकि गर्मियों में एक परिवार में 15 से 20 डिब्बे पानी लग रहा है। ऐसी स्थिति में परिवार का एक सदस्य तो पूरे दिन पानी की खोज में ही लगा रहता है। पंचायत की पेयजल योजना भी बंद पड़ी है यदि वही चालू हो जाये तो पानी मिलने लगेगा।
तेंदूखेड़ा जनपद सीईओ मनीष बागरी ने बताया कि सतधरू योजना वालों ने जल योजना पंचायतों को हेंडओवर हीं नहीं की है। इसलिए इसके संबंध में तो वही लोग जानकारी दे सकते हैं। रही बात मोटर जलने की तो मैं आज ही पंचायत को निर्देशित करूंगा कि वह मोटर की व्यवस्था करें।