दमोह जिले में तेंदूखेड़ा ब्लाक के वंशकार समाज के द्वारा तेंदूखेड़ा तहसीलदार ब्रजेश सिंह को एक ज्ञापन सौंपकर बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर मामला दर्ज करने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया कि सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से पता चला है कि राजस्थान के सीकर जिले में कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री द्वारा एक युवक से सवाल-जवाब किए जा रहे थे।
इस दौरान जवाब में युवक ने कहा, मैं खुद ब्राह्मण हूं तो पंडित शास्त्री ने कहा कि क्या हम बसोर हूं। यह शब्द सुनकर समस्त वंशकार समाज और उपसमाज को ठेस पहुंची है। इसलिये हम सभी ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री पर मामला दर्ज किया जाए। धीरेंद्र शास्त्री ने खुले मंच और लाखों की भीड़ में बसोर समाज को अपमानित किया है, जिससे वंशकार समाज में आक्रोश है। यदि धीरेंद्र शास्त्री सामूहिक तौर पर समाज से माफी मांग लेते हैं तो ठीक, नहीं तो पूरे भारत के थानों में उनके खिलाफ मामले दर्ज कराए जाएंगे।
ज्ञापन में यह भी हवाला दिया गया कि अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम कि धारा 3 उपधारा 1,10 में प्रावधान है कि यदि कोई भी नागरिक जो अनुसूचित जाति-जनजाति का नहीं है और खुले मंच पर ऐसा संबोधन करता है तो वह अपराध की श्रेणी में आता है। जो धीरेंद्र शास्त्री द्वारा किया गया है और वह एक ब्रह्मण परिवार से हैं। ज्ञापन देते समय ईश्वर प्रसाद बेनपूर्व पार्षद, एमपी बसोरे, सुरेंद्र वंशकार, तिलक राज, गंगाराम बंशल, हल्केराम बेन, लखन मासाब, नरेंद्र पंडा और मथुरा बेन की उपस्थिति रही।