लोकसभा चुनाव 2024 की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। पहले चरण के मतदान के नामांकन दाखिल करने का क्रम भी शुरू हो गया है। इसमें प्रमुख राजनैतिक दल अपनी सक्रियता के साथ चुनाव में जुट गए हैं। इसी क्रम में भाजपा अपने सभी 29 प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है। जबकि कांग्रेस में बुंदेलखंड के चार लोकसभा क्षेत्र में टीकमगढ़ और सागर लोकसभा क्षेत्र से ही कांग्रेस के प्रत्याशी की अभी घोषणा हुई है। दमोह के प्रत्याशी की घोषणा में अधिक समय लगता हुआ दिखाई दे रहा है और खजुराहो सीट गठबंधन में सपा को दी गई है।
बुंदेलखंड के दो लोकसभा चुनाव के तुलनात्मक आंकड़े बताते हैं कि एक दशक से इन चारों सीटों पर भाजपा का ही कब्जा है। हालांकि, 35 साल से बुंदेलखंड की सीटों पर कब्जा करने के लिए कांग्रेस प्रयासरत है, लेकिन सफलता नहीं मिल रही है। साल 2019 के चुनाव में जहां भाजपा ने चारों सीटें अपने कब्जे में रखी थी। वहींं, साल 2014 में भी यही स्थिति निर्मित थी। लेकिन इन सभी चारों सीटों पर जहां कांग्रेस को पराजय का सामना लगातार करना पड़ रहा है। वहीं, अपने मतों के प्रतिशत में भी लगातार गिरावट नजर आ रही है।
कांग्रेस किसी भी लोकसभा में अपने वोट बैंक में वृद्धि नहीं कर पा रही है। बल्कि लगातार ही वोट प्रतिशत भाजपा के मुकाबले घटता ही जा रहा है। यही कारण है कि इन चारों सीटों पर हार जीत का अंतर आठ से लेकर 20 फीसदी तक बढ़ गया है। इस बार बुंदेलखंड की चार सीटें दमोह, सागर, टीकमगढ़ और खजुराहो में भाजपा प्रत्याशियों की घोषणा में भाजपा ने तो बाजी मार ली है। कांग्रेस ने टीकमगढ़ से अभी दिलीप अहिरवार और सागर से गुड्डू राजा बुंदेला को अपना प्रत्याशी बनाया है। जबकि दमोह में प्रत्याशी ही नहीं मिल पा रहा। क्योंकि नेता चुनाव लड़ने से कन्नी काट रहे हैं और दूसरे नेता की तरफदारी कर रहे हैं।
नहीं दिख रही कांग्रेस की चुनावी तैयारी
लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल करने का क्रम शुरू हो गया है। लेकिन इसके बाद भी कांग्रेस को जो तैयारी करना थी, वह अभी दूर-दूर तक कहीं भी दिखाई नहीं दे रही है। बुंदेलखंड में चार सीटों पर लगातार ही प्रत्याशियों को निरंतर लड़ने का मौका भाजपा देती है। जैसे की टीकमगढ़ लोकसभा क्षेत्र में लगातार चौथी बार वीरेंद्र खटीक को भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाया है। तो वहीं खजुराहो संसदीय क्षेत्र में लगातार दूसरी बार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को अपना प्रत्याशी बना चुकी है।
इसी क्रम में दमोह संसदीय क्षेत्र से भी लगातार दो बार चुनाव लड़ने वाले प्रह्लाद पटेल के नरसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक का चुनाव लड़ जाने के कारण उनके स्थान पर कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए पूर्व विधायक राहुल सिंह लोधी को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं, सागर संसदीय क्षेत्र में हमेशा ही प्रत्याशी बदलने की परंपरा भाजपा में रही है। इसी क्रम में इस बार भाजपा ने भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष लता वानखेड़े को अपना प्रत्याशी बनाया है।
वहीं, कांग्रेस में हमेशा ही प्रत्याशी बदलने की परंपरा रही है और हमेशा अलग-अलग प्रत्याशियों को ही चुनाव मैदान में उतारा है। इस बार कांग्रेस के बड़े नेता चुनाव लड़ने से इनकार कर रहे हैं। इससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट रहा है। ऐसी स्थिति में जितने प्रतिशत वोट कांग्रेस को मिले थे, उससे ज्यादा या उतने ही प्राप्त करना कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती है। विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस को जो सदमा लगा है, वह उससे उबर नहीं पाई है।
दो लोकसभा चुनाव में कांग्रेस-बीजेपी की स्थिति
लोकसभा क्षेत्र दमोह (2014)
प्रह्लाद पटेल (भाजपा)- 56.14%
महेंद्र प्रताप सिंह (कांग्रेस)- 32.80%
जीत हार का अंतर- 23.34%
साल 2019
प्रह्लाद पटेल (भाजपा)- 60.51%
प्रताप सिंह लोधी (कांग्रेस)- 30.16%
जीत हार का अंतर- 30.35%
लोकसभा क्षेत्र सागर (2014)
लक्ष्मी नारायण यादव (भाजपा)- 54.10%
गोविंद सिंह राजपूत (कांग्रेस)- 40.6%
जीत हार का अंतर- 13.5%
साल 2019
राजबहादुर सिंह (भाजपा)- 62.31%
प्रभु सिंह ठाकुर (कांग्रेस)- 32.85%
जीत हार का अंतर- 29.46%
लोकसभा क्षेत्र टीकमगढ़ (2014)
वीरेंद्र खटीक (भाजपा)- 55.20%
कमलेश वर्मा (कांग्रेस)- 27.96%
जीत हार का अंतर- 27.24%
साल 2019
वीरेंद्र खटीक (भाजपा)- 61.30%
किरण अहिरवार (कांग्रेस)- 29.56%
जीत हार का अंतर- 31.74%
लोकसभा क्षेत्र खजुराहो (2014)
नागेंद्र सिंह (भाजपा)- 54.31%
राजा पटेरिया (कांग्रेस)- 26.01%
जीत हार का अंतर- 28.3%
साल 2019
वीडी शर्मा (भाजपा)- 64.49%
कविता सिंह (कांग्रेस)- 25.34%
जीत हार का अंतर- 39.15%