जिले के तारादेही और शिवलाल खमरिया गांव के बीच से बहने बाली व्यारमा नदी का है। जहां, 15 वर्ष पूर्व जलसंसाधन विभाग ने पानी रुकने के लिए नदी के बीचों बीच एक स्टॉप डैम बनवाया था। स्टॉप डैम निर्माण के बाद पानी काफी मात्रा मे रुक जाता था और नदी के आजू बाजु लगे दो गांव के किसानों को सिचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी मिल जाता था, लेकिन इस वर्ष नदी के तेज बहाव में यह स्टॉप डैम क्षतिग्रस्त हो गया है।
जिसके कारण पानी इस व्यर्थ बह रहा है। किसानों को इस वर्ष तो पानी मिल जायेगा, लेकिन यदि स्टॉप डैम की मरम्मत नहीं हुई तो अलगे वर्ष तक यह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकता है और पानी रुकना मुश्किल हो जायेगा। यदि पानी नहीं रुका तो किसानो के खेतों मे होने बाली फसल की सिंचाई होनी बंद हो जायेगी। इसलिये दोनों गांव के किसान यही मांग कर रहे है कि गर्मियों के दिनों मे यदि स्टॉप डैम की मरम्मत का कार्य हो जाता है तो अगले वर्ष भी उनको पानी मिल जायेगा नहीं तो काफी परेशानी होगी।
ये बोले जिम्मेदार
व्यारमा नदी में बन स्टॉप डैम क्षतिग्रस्त हो गया है। इसको लेकर शिवलाल खमरिया के सरपंच देसराज सिंह लोधी ने बताया कि व्यारमा नदी पर जो स्टॉप डैम बना था, वह 2007, 2008 में बनाए गया था। स्टॉप डैम क्षतिग्रस्त हो गया है आजू-बाजू से इसकी दीवारें फूट गई हैं और बीच से भी दरारें आ गई हैं। इस वर्ष तो पानी रुका हुआ है, लेकिन यदि सुधार या मरम्मत नहीं होती है तो अगले वर्ष यह स्टॉप डैम पूरी तरह फूट जाएगा और पानी रुकना मुश्किल हो जाएगा।
आगे कार्रवाई की जाएगी
स्टॉप डैम से तारादेही और शिवलाल खमरिया के किसानों को अभी तक सिंचाई के लिए पानी मिलता था जो शायद अगले वर्ष न मिले। स्टॉप डैम जल संसाधन विभाग द्वारा बनाया गया था और काफी पुराना हो चुका है। इसको लेकर जल संसाधन विभाग के एसडीओ राहुल जैन से बात की तो उनका कहना है कि स्टॉप डैम क्षतिग्रस्त हो गया है, इसकी जानकारी उनके पास है। पूर्व पदस्थ अधिकारियों द्वारा मरम्मत के लिए पत्राचार किया गया था, लेकिन ऊपर से कोई आदेश नहीं आया है। एक बार फिर उच्च अधिकारियों को इसके संबंध में पत्राचार करके अवगत कराया जाएगा जो भी दिशा निर्देश मिलते हैं उसके अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।