राहुल सिंह ने जिला पंचायत सदस्य से अपनी राजनीति की शुरुआत की थी और 2018 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर उन्होंने दमोह से चुनाव लड़ा था और पूर्व वित्त मंत्री और वर्तमान दमोह विधायक जयंत मलैया को 798 वोटों से चुनाव हराया था।
इसके साथ ही प्रदेश में कांग्रेस की सरकार भी बनी थी, लेकिन 2020 में राहुल सिंह ने विधायकी से इस्तीफा दे दिया और भाजपा में शामिल हो गए। जिसके बाद भाजपा ने उन्हें वेयर हाउसिंग सोसायटी का अध्यक्ष बना दिया और कैबिनेट मंत्री का दर्जा देते हुए उप चुनाव में दमोह से अपना प्रत्याशी भी बनाया था, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन ने राहुल सिंह को 17000 वोटों से चुनाव हरा दिया था और विधायक बने थे। एक बार फिर भाजपा ने राहुल सिंह पर भरोसा जताते हुए दमोह लोकसभा से अपना प्रत्याशी बनाया है।
8 विधानसभा क्षेत्र में आती है दमोह लोकसभा
बता दें कि दमोह लोकसभा में 8 विधानसभाएं आती हैं। जिनमें दमोह, हटा, पथरिया, जबेरा, सागर जिले की रहली, देवरी, बनडा और छतरपुर जिले की बड़ा मलहरा विधानसभा शामिल है।