देशव्यापी डॉक्टर हड़ताल के तहत दमोह में सरकारी और निजी डॉक्टरों ने प्रतीकात्मक हड़ताल की, लेकिन ओपीडी में मरीजों का इलाज जारी रखा गया। शनिवार को 24 घंटे की हड़ताल की चेतावनी दी गई थी, जिसमें जिला अस्पताल के डॉक्टर भी शामिल थे। हालांकि, दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर के निर्देश के बाद, अस्पताल के डॉक्टरों ने मात्र 3 घंटे का प्रतीकात्मक विरोध जताया और इस दौरान भी ओपीडी चालू रही।
जिला अस्पताल में जिले भर से सैकड़ों मरीज अपना इलाज कराने पहुंचे। हड़ताल की खबर जिले में फैलने के बावजूद, अस्पताल की ओपीडी सुबह समय से ही शुरू हो गई और मरीजों का इलाज किया गया। सिविल सर्जन डॉ. राकेश राय ने बताया कि विरोध प्रतीकात्मक था और ओपीडी चालू रखी गई, जिससे मरीजों का इलाज निर्बाध रूप से जारी रहा। दमोह एसडीएम आरएल बागरी ने अस्पताल का निरीक्षण करते हुए बताया कि सभी डॉक्टरों से बात कर ली गई थी। विरोध प्रदर्शन किया गया, लेकिन वह केवल प्रतीकात्मक था। अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही हैं और कहीं कोई अव्यवस्था नहीं है।