इस तरह गर्भवती महिला को दूसरी ओर ले जाया गया।
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दमोह जिले में शनिवार रात से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। नदी-नाले उफान पर आ गए हैं, जिससे कई मुख्य मार्गों का संपर्क टूट गया है। हटा तहसील के वनांचल गांव पाटन में एक गर्भवती महिला उफनते नाले के पुल पर फंस गई। महिला को लेने पहुंची एंबुलेंस भी नाले के उफान के कारण वापस लौट गई। इस दौरान, महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ती जा रही थी। कुछ देर बाद एसडीआरएफ की टीम ने गर्भवती महिला को खाट पर लिटाकर सुरक्षित दूसरे छोर पर पहुंचाया। महिला को मड़ियादो स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत अब स्थिर है।
पाटन गांव निवासी महेश यादव ने बताया कि उसकी पत्नी गीता यादव को रविवार सुबह से प्रसव पीड़ा हो रही थी। अस्पताल जाना था, लेकिन मुख्य मार्ग और गांव के बीच का लमती नाला उफान पर है। पुलिया के ऊपर से पानी बहने के कारण उसे पार करना मुश्किल था। अस्पताल जाने के लिए एंबुलेंस बुलाई, लेकिन पुलिया पर पानी अधिक होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। इधर, गर्भवती महिला दर्द से तड़प रही थी, लेकिन कोई कुछ नहीं कर पा रहा था। मौके पर गांव की कुछ महिलाएं भी मौजूद थी, जो स्थिति बिगड़ने पर सड़क पर ही प्रसव के लिए तैयार थीं।
इस बीच सूचना पर एसडीआरएफ की टीम पहुंची और उसने गर्भवती महिला को खाट पर लिटाकर दूसरी ओर पहुंचाया। मौके पर एसडीएम राकेश मरकाम और मेडिकल टीम भी मौजूद थी। महिला को मड़ियादो स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत अब स्थिर है।
मड़ियादो जिला पंचायत सदस्य अभिषेक जैन ने बताया कि इस मार्ग पर पुल का निर्माण नहीं होने से बारिश के मौसम में अक्सर लोग परेशान होते हैं। लमती नाला उफान पर होने के कारण पाटन गांव का मड़ियादो और हटा तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया था।