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Damoh: रेलवे स्टेशन का पार्क बना भिखारियों का आशियाना, यहीं पर रहना-खाना, ओपन जिम की मशीनें तोड़ीं

Mon, 20 Nov 2023 11:22 AM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

दमोह रेलवे स्टेशन के बाहर पार्क और ओपन जिम पर भिखारियों का कब्जा है। यहीं रहते हैं और खाना-सोना करते हैं। आम आदमी अब पार्क में नहीं जा पा रहा है। जिम्मेदार एक दूसरे की जवाबदारी बताते हुए मामले से पल्ला झाड़ते दिख रहे हैं। 
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दमोह के रेलवे पार्क पर भिखारियों ने डेरा डाल रखा है। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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रेलवे ने कर्मचारियों और आमजन की सुविधा के लिए लाखों रुपये खर्च कर दमोह रेलवे स्टेशन के बाहर पार्क और ओपन जिम को बनाया है। जहां वर्तमान में भिखारियों ने अपना आशियाना बना लिया है और यहीं पर उनका रहना और खाना हो रहा है और अपना जीवन यापन यहीं पर कर रहे हैं। इनके बच्चों ने ओपन जिम की मशीनें तक तोड़ डालीं। सोचने वाली बात यह है रेलवे की संपत्ति पर भिखारियों ने कब्जा कर लिया और अधिकारी बेखबर हैं। रेलवे स्टेशन के समीप पार्क के गेट पर ताला लगा हुआ है जिससे आम आदमी अंदर भी नहीं जा सकता।
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गौरतलब है कि रेलवे के महाप्रबंधक द्वारा करीब चार साल पहले रेलवे स्टेशन परिसर में करोड़ों रुपये की राशि से निर्मित हुए भवन और पार्क का लोकार्पण किया गया था। इसमें एक पार्क और ओपन जिम भी शामिल था। लोकार्पण के कुछ दिन तक तो यहां सुबह, शाम आम लोगों के साथ रेलवे के अधिकारी और उनके बच्चे पार्क में डले झूले और ओपन जिम का लाभ लेने पहुंचे, लेकिन उसके बाद यहां गेट पर ताल डाल दिया गया। जिससे कोई भी व्यक्ति अंदर प्रवेश नहीं कर सका और धीरे-धीरे लोगों ने पार्क में जाना बंद कर दिया। यहां कई प्रकार के झूले और ओपन जिम में मशीनें लगाई गई थीं। ताकि बड़े और बच्चे पार्क में घूम सकें और जिम की मशीनों का उपयोग कर शरीर स्वस्थ बना सकें, लेकिन यहां काफी समय से ताला लगा हुआ है।

 
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पार्क के झूलों की हालत खराब है, कई तो टूटे पड़े हैं। - फोटो : सोशल मीडिया
ताला डला देख भिखारियों ने जमाया कब्जा
पार्क और ओपन जिम में हर समय ताला डला रहता है जिससे यहां आम लोगों की आवाजाही बंद हो गई और इसका फायदा भिखारियों ने उठाना शुरू कर दिया। उन्होंने पार्क के अंदर ही टीन शेड के नीचे रहना शुरू कर दिया। पार्क के अंदर खाना बनाना, रहना और नहाना शुरू कर दिया। पार्क में चारों ओर गंदगी फैली हुई है। यदि कोई व्यक्ति पार्क के अंदर आना चाहे तो यह लोग उसे मारने दौड़ते हैं और गालियां देते हैं। आज हालत यह है कि जिम की मशीनों के पुर्जे उखाड़ दिए गए हैं और फिसल पट्टी और झूलों को तोड़ दिया गया है।

एक दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी
पार्क में भिखारियों के कब्जे को लेकर दमोह स्टेशन प्रबंधक जेएस मीणा ने कहा कि इस पार्क को संचालित करने का जिम्मा आईओडब्लू विभाग का है। इस पार्क का निर्माण रेलवे के कर्मचारियों और यात्रियों के लिए किया गया था। वहीं आईओडब्लू विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन भिखारियों को हटाने का काम स्टेशन प्रबंधक और आरपीएफ पुलिस का है। यह बात भी सही है कि यदि पुलिस चाहे तो यहां से भिखारी हटाए जा सकते हैं इसके बाद रेलवे के अधिकारी इस पार्क को दुरुस्त करवा दें, लेकिन जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी उठाना नहीं चाहते।

 
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