फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Damoh: कपड़ा व्यापारी के साथ ऑनलाइन पेमेंट के नाम पर ठगी, मैसेज आने के 2 मिनट बाद हिस्ट्री से गायब हुई डिटेल्स

Tue, 23 Jan 2024 05:39 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

दमोह जिले में कपड़ा व्यापारी के साथ ऑनलाइन पेमेंट के नाम पर ठगी हुई है। पेमेंट का मैसेज आने के दो मिनट बाद ही हिस्ट्री से पैसे आने की डिटेल्स गायब हो गई।
विज्ञापन
दुकान पर खड़ा हुआ ठग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दमोह में ऑनलाइन पेमेंट के नाम पर लगातार व्यापारियों के साथ ठगी हो रही है। अब एक और ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें घंटाघर के समीप एक कपड़ा दुकान पर पहुंचे तीन युवकों ने 11 हजार के कपड़े खरीदकर आनलाइन पेमेंट किया। लेकिन दो मिनट बाद ही वह पेमेंट का मैसेज गायब हो गया और जब दुकान संचालक ने हिस्ट्री चेक की तो कोई पेमेंट नहीं मिला। उसके बाद दुकानदार ने कोतवाली में आवेदन दिया है। बता दें, एक महीने पहले घंटाघर के समीप ही बुंदेला ज्वेलर्स के यहां भी एक लाख 40 हजार की ठगी ऑनलाइन पेमेंट के नाम पर हुई थी।

विज्ञापन


कोतवाली थाना क्षेत्र के हनुमान गढ़ी मंदिर के सामने कपड़े की दुकान संचालित करने वाले व्यापारी सिद्धांत जैन ने बताया कि दो दिन पूर्व शाम करीब पांच बजे तीन लड़के कपड़े खरीदने के लिए उनकी दुकान पर आए। उन्होंने जींस, टीशर्ट खरीदे, जिसका ऑनलाइन पेमेंट 11 हजार 400 रुपये किया। मेरे मोबाइल पर यह पेमेंट चेक किया तो वह आ गया था। लेकिन उन लोगों के जाते ही दो मिनट बाद मेरे मोबाइल की हिस्ट्री से पेमेंट गायब हो गया, जिस मोबाइल नंबर से अजय नाम के लड़के ने पेमेंट किया था, वह नंबर भी नहीं लग रहा है, जिस बाइक से वह युवक आए थे उसमें नंबर प्लेट भी नहीं है। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों को पकड़ने की गुहार लगाई है। ताकि अन्य किसी दुकानदार के साथ इस तरह की ठगी न हो सके।

इनकम टैक्स अधिकारी बनकर की थी ठगी
22 दिसंबर को घंटाघर पर संचालित बुंदेला जेम्स एंड ज्वेलर्स के यहां भी एक युवक ने इनकम टैक्स अधिकारी बनकर ठगी की थी। दुकान संचालक शैलेंद्र स्वर्णकार ने बताया था कि एक युवक उनकी दुकान में इनकम टैक्स ऑफिसर बनकर आया और कहा उसकी सगाई होने वाली है। इसलिए उसे एक चैन और अंगूठी खरीदनी है। दुकान संचालक ने उसे सोने की चैन दिखाई, जिसका वजन करीब 22 ग्राम था और इसका बिल एक लाख 41,000 रुपये से अधिक का बना था।
विज्ञापन


जब ज्वेलरी दुकान संचालक बिल बना रहा था, तब ठग ने उसे बताया कि उसने ऑनलाइन पेमेंट कर दिया है, वह अकाउंट चेक कर लें। उन्होंने उस युवक की बात पर भरोसा करके चैन दे दी और वह युवक चला गया। कुछ देर बाद जब शैलेंद्र स्वर्णकार ने अपना अकाउंट चेक किया तो उसमें एक भी रुपये नहीं आए थे। उन्होंने तत्काल ही कोतवाली में जाकर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अभी तक इस मामले का आरोपी नहीं पकड़ा गया, तब तक एक और ठगी की घटना हो गई।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें