दमोह में एक बहू की अमानवीयता का चेहरा सामने आया है, जिसने इस कड़ाके की ठंड में अपने सास-ससुर को घर से निकाल दिया। इतना ही नहीं बहू ने सास-ससुर से मारपीट भी की है। अब इस बुजुर्ग दंपती ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई है। उनके मकान पर कब्जा कर लिया है, जिस वजह से बुजुर्ग दंपती खुली छत एवं घने कोहरे के बीच आग जलाकर जीवन जीने पर मजबूर हो गया है।
मामला दमोह के सिविल वार्ड सात से सामने आया है। जहां रहने वाले 75 वर्षीय बुजुर्ग दंपती गोदन सिंह राजपूत व पत्नी आशारानी राजपूत ने पुलिस अधीक्षक दमोह को एक आवेदन देकर मदद की गुहार लगाई है। गोदन सिंह राजपूत ने बताया कि पत्नी आसारानी के नाम से सिविल वार्ड सात में एक मकान है, जो राजस्व रिकॉर्ड में भी दर्ज है, हम उसमें निवास करते थे। हमारा एक बेटा मनजीत सिंह है, जिसकी शादी करीब 7 वर्ष पहले रानू राजपूत से की गई थी। शादी के बाद बेटे के हिस्से की जायदाद, जिसमें सात एकड़ जमीन एवं एक नया मकान लेकर उसको अलग दे दिया था।
लेकिन इसके बाद भी बहू हमारे हिस्से का जमीन जायदाद हथियाना चाहती है। बेटा मनजीत बहुत सीधा-साधा है, जो अपनी पत्नी से कुछ भी नहीं कह पता जिस कारण से बहू रानू आए दिन हम दंपतियों के साथ मारपीट एवं गाली-गलौज करती है। अब बहू घर पर कब्जा करने के लिए आमदा है एवं कड़कड़ाती ठंड में हम दंपतियों को घर से बाहर निकाल दिया और घर में घुसने नहीं दिया जा रहा। पिछले दिनों बहू ने हमारी पत्नी आशा रानी के साथ मारपीट भी की थी।
इसलिए बुजुर्ग दंपती ने अपना हक दिला कर बहू को घर से बेदखल करने की मांग की है। बुजुर्ग दंपती तीन दिनों से लावारिस की तरह भटक रहे हैं, उनके पास न तो खाने के लिए कुछ है और न ही वह घर जा पा रहे हैं। बुजुर्ग दंपती ने अब दर-दर की ठोकरें खाने के बाद दमोह पुलिस अधीक्षक से मदद की गुहार लगाने पहुंचे हैं।