प्रदर्शनकारी को पकड़ने दौड़ते पुलिसकर्मी।
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खुरई में हुई दलित युवक की हत्या के विरोध में मंगलवार की दोपहर दमोह के आंबेडकर चौराहे पर कांग्रेस के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ ने धरना प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री का पुतला भी जलाया। इस दौरान पुलिस के फायर ब्रिगेड वाहन आग बुझाने खड़े रहे। पुलिस से भी कांग्रेस नेताओं की धक्का-मुक्की हुई।
मुख्यमंत्री के पुतला दहन करने की घोषणा के चलते सुबह से ही चौराहे पर दो-दो फायर वाहन तैनात किए गए थे। धरना प्रदर्शन के बाद शाम को कार्यकर्ता जैसे ही मुख्यमंत्री के जलते हुए पुतले को लेकर आए तो पुलिस ने तत्काल ही पानी की बौछार कर उसे बुझा दिया। इसके कुछ देर बाद एक कार्यकर्ता दूसरी तरफ से जलता हुआ पुतला लेकर पहुंच गए। जिसे देखकर पुलिस पकड़ने दौड़ी और पुतला छुड़ाने का प्रयास किया। इस बीच पुलिस व कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इसी दौरान दोनों फायर वाहन से पानी की तेज बौछार की गईं। जिससे पुतला बुझ गया।
इस बात पर है विवाद
इस संबंध में अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अजय जाटव ने बताया कि 24 अगस्त को सागर जिले के खुरई तहसील के बरौदिया नौनागिरी गांव में एक दलित परिवार के युवक नितिन अहिरवार की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस दौरान बीच-बचाव करने आई उसकी मां के साथ आरोपियों ने मारपीट कर सरेआम निर्वस्त्र कर दिया था। जो एक शर्मनाक अमानवीय घटना है। वह इस प्रकार की घटना का विरोध करते हैं। शिवराज सरकार में लगातार दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं और महिलाओं के साथ बर्बरता हो रही है।