दमोह जिला अस्पताल के डॉक्टर बुधवार को विरोध प्रदर्शन करते हुए हड़ताल पर बैठ गए। उनका आरोप है कि रात में एक मरीज के परिजनों ने ड्यूटी डॉक्टर और मेडिकल स्टॉफ के साथ अभद्रता की और उनसे गाली-गलौज की है। इसके बाद सुबह फिर से उन्हीं लोगों के द्वारा मेडिकल स्टॉफ के साथ बदतमीजी की गई, इसलिए वह चाहते हैं कि आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। पुलिस में शिकायत के बाद विरोध प्रदर्शन करने के लिए काम बंद करके धरने पर बैठ गए।
जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ विशाल शुक्ला ने बताया कि रात में ड्यूटी डॉ राजीव अग्रवाल के साथ एक मरीज के परिजनों ने अभद्रता की और गाली-गलौज की। उसके बाद सुबह उनके नर्स स्टॉफ के साथ उन्हीं लोगों के द्वारा बदतमीजी की गई और छेड़खानी का प्रयास किया गया। अस्पताल में असामाजिक तत्वों के द्वारा इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण मेडिकल स्टॉफ ठीक से ड्यूटी नहीं कर पाता है, जिससे अन्य मरीजों को असुविधा होती है। वह चाहते हैं कि पुलिस प्रशासन के द्वारा यहां पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए।
इस घटना को लेकर वह सभी लोग कोतवाली में एफआईआर दर्ज करने के लिए पहुंचे थे, लेकिन उन्हें आश्वासन देकर वापस भेज दिया गया है, इसलिए वह धरने पर बैठ गए। वह चाहते हैं कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जिस युवक बृजेंद्र ठाकुर पर गाली-गलौज का आरोप लगा है वह जिले के लकलका गांव का रहने वाला है।
उसका कहना है कि वह अपने दोस्त राहुल सिंह के साथ एक शादी समारोह से लौट रहा था। घंटाघर के पास एक बाइक चालक ने मेरे दोस्त राहुल ठाकुर को टक्कर मारकर घायल कर दिया। पैसे नहीं थे इसलिए वह निजी अस्पताल की जगह अपने दोस्त को सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने इलाज करने से मना कर दिया और कहा कि प्राइवेट पर सीटी स्कैन करा लो। हमने अपनी समस्या बताई, तो सुनने को तैयार नहीं थे। मेरे पास आयुष्मान कार्ड भी था। आरोपी युवक का कहना है कि मेरे द्वारा कोई अभद्रता नहीं की गई है। सुबह मेरे दोस्त को उल्टी हो रही थी, तो मैंने नर्स से बाल्टी मांगी, जिस पर उन्होंने गुस्सा जाहिर किया और मेरे ऊपर अनर्गल आरोप लगाए।
कोतवाली टीआई विजय सिंह राजपूत ने बताया कि रात में घटनाक्रम हुआ है, जिसे लेकर डॉक्टर का आरोप है कि कुछ लोगों के द्वारा उनसे अभद्रता की गई है। वहीं, आरोपी युवक का कहना है कि मेरे द्वारा पूरा वीडियो बनाया गया है, जिसमें वह यह साबित कर सकता है कि उसने किसी भी तरह की अभद्रता नहीं की है। मामले की जांच की जा रही है। डॉक्टर हड़ताल पर बैठ गए थे, जिन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। जांच के बाद यदि जो भी आरोप सिद्ध होंगे उनके तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद डॉक्टर ने काम शुरू किया गया है।