दमोह जिले के हटा थाना में करीब सात साल पहले हुए हत्याकांड में न्यायालय ने आरोपी पत्नी और उसके नंदोई सहित सात लोगों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। प्रेम प्रसंग के चलते पत्नी ने अपने पति की हत्या करवाई थी।
बता दें जिले के हटा थाना क्षेत्र के सुनार नदी पर बने घुराघाट पुल स्थित रेवा नामदेव के मकान में किराये से रहने वाले जितेंद्र सिंह की तीन अज्ञात बदमाशों ने वर्ष 2016 में सुबह घर में घुसकर सोते समय धारदार हथियारों से हत्या कर दी थी। मृतक की पत्नी सविता सिंह की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध तत्कालीन थाना प्रभारी वीरेंद्र बहादुर सिंह द्वारा हत्या का अपराध दर्ज किया था। सविता सिंह ने अपने पति जितेंद्र की हत्या के लिए अपने देवर रवीन्द्र और ससुर विजय सिंह पर संदेह व्यक्त किया था, लेकिन विवेचना के दौरान पता चला कि जितेन्द्र सिंह की हत्या का षड्यंत्र उसकी ही पत्नी सविता ने अपने नंदोई (ननद के पति) बड़े राजा उर्फ रामेन्द्र सिंह से मिलकर रचा था। बड़े राजा ने अपने साले जितेंद्र की हत्या के लिए सोनू खान को एक लाख रुपये की सुपारी दी थी। सोनू खान ने जितेन्द्र की हत्या करने के लिए लकी महाराज को तैयार किया था।
लकी महाराज ने हत्या करने के लिए अपने साथी संतोष, कुंवरलाल एवं कुलदीप मिश्रा का उपयोग किया। घटना के एक दिन पूर्व बड़े राजा ने लतीफ खान, कुलदीप मिश्रा के साथ घटनास्थल की रैकी की। षड्यंत्र के अनुसार घटना के पूर्व मृतक की पत्नी सविता सिंह ने बड़े राजा के माध्यम से लकी महाराज के मोबाइल से अपने पति जितेंद्र के बारे में यह बताया था कि जितेंद्र सो रहा है। सविता के द्वारा दी गई सूचना के आधार पर लकी महाराज, कुंवरलाल एवं संतोष मिश्रा ने घर में घुसकर जितेन्द्र की चाकू से हत्या कर दी थी।
षड्यंत्र के अनुसार सविता सिंह पानी भरने के बहाने घर से दूर चली गई थी। घटना को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी बाइक से फरार हो गए थे। मुख्य आरोपी लकी महाराज, कुंवरलाल एवं संतोष मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद उनके मोबाईल नंबरों की लोकेशन एवं सीडीआर के परीक्षण पर घटना का पूरा षड्यंत्र सामने आया था। प्रकरण में जितेंद्र की हत्या के लिए सीधे तौर पर दोषी लकी महाराज, कुंवरलाल, संतोष मिश्रा के साथ हत्या के षड्यंत्र में मृतक की पत्नी सविता सिंह, मृतक के बहनोई बडे़ राजा, सुपारी किलर सोनू खान, रैकी करने वाले लतीफ खान, कुलदीप मिश्रा को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया था।
न्यायालय ने आरोपी लकी महाराज उर्फ नीरज पिता परमानंद तिवारी निवासी ग्राम बमीठा, संतोष पिता हरिशंकर मिश्रा निवासी ग्राम खरियानी थाना बमीठा, कुंवरलाल पिता पंचू लोधी निवासी ग्राम सुनवानी थाना पवई, बडे़ राजा उर्फ रामेंद्र सिंह पिता रामाधार सिंह निवासी ग्राम वीरसिंहपुर थाना पवई, सविता पति स्व. जितेंद्र सिंह निवासी ग्राम हरदुआ पंचम थाना हटा, सोनू पिता इब्राहिम खान निवासी मिनौनीगंज थाना पवई, लतीफ पिता जब्बार मो. खान निवासी कृष्णगंज थाना पवई को दोषी पाया। इन्हें द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश ज्योति सिंह राजपूत के न्यायालय से सजा सुनाई गई। विचारण के दौरान शासन की ओर से अपर जिला लोक अभियोजन अधिकारी मुकेश पांडे के द्वारा पैरवी की गई थी।