मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बिजली विभाग में कार्यरत एक क्लर्क के पास 40 करोड़ की संपत्ति का पता चला है। लोकायुक्त के छापे में कई मकान, दुकान और निवेश संबंधी कागजात बरामद हुए।
अर्जुन दास लालवानी 1983 से बिजली विभाग में क्लर्क है और अब वर्तमान में उसकी सैलरी मात्र 40 हजार रुपये है। छापेमारी के दौरान लोकायुक्त की टीम को 5-6 लाख रुपये के गहने और 51 हजार रुपए की नकदी बरामद हुई।
इसके अलावा अर्जुन के पास 60 लाख रुपये का फिक्स्ड डिपॉजिट, 4 मकान, एक व्यावसायिक परिसर, पॉश इलाकों में 12 दुकानें, 12 प्लॉट और भोपाल के पास एक गांव में अच्छा खासा फॉर्म हाउस भी है। लोकायुक्त को अर्जुन के खिलाफ कई शिकायतें मिली थी। इसके बाद लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार को उसके बैरागढ़ स्थित आवास पर छापा मारा।
हालांकि अर्जुन लोकायुक्त के सभी आरोपों से इनकार कर रहा है। उसका कहना है कि लोकायुक्त जिस संपत्ति को 40 करोड़ रुपये का बता रहे हैं, वो महज एक करोड़ रुपये से ज्यादा की नहीं है। उसका कहना है कि ज्यादातर संपत्ति उनके इंजीनियर बेटे और डॉक्टर बेटी की है।
ये उनके पूरे परिवार के मेहनत की कमाई है और एक-एक पाई का हिसाब इनकम टैक्स के पास है। मध्य प्रदेश में इससे पहले भी सरकारी अधिकारियों के पास आय से अधिक संपत्ति मिलने की कई खबरें आ चुकी हैं।