कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने देश में 21 दिनों का लॉकडाउन की घोषणा की है। इसके बाद से एहतियात के तौर पर देश के कई इलाकों में लॉकडाउन के लिए स्वयं के तरीकों का प्रयोग किया जा रहा है।
ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के बड़वानी में देखने को मिला है। जिले के बजट्टा गांव में लोगों ने लॉकडाउन का एक अलग ही तरीका इजाद किया है। इस गांव के चारों और बैरिकेडिंग की गई है और गांव वाले यहां खुद ही बैठकर पहरेदारी कर रहे है।
गांव वालों ने बाहर निकलने वाले सभी रास्तों पर बांस की बैरिकेडिंग की है और उसके पास दो तख्तियां लगा दी है जिस पर साफ तौर पर संदेश लिखा हुआ है कि 'बजट्टा गांव में बाहरी व्यक्ति का आना मना है लॉकडाउन।'
साथ ही बाहर के इलाके से आने वाले किसी भी व्यक्ति को गांव में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है और गांव के किसी भी निवासी को गांव नहीं छोड़कर जाने का आदेश भी दिया गया है। स्थानीय लोगों को मानना है कि ऐसा करने से वह कोरोना के प्रसार को गांव में आने से रोक पाएंगे और इस तरह संक्रमण से गांव वालों को बचाया जा सकता है।
गौरतलब हो कि देश में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़कर 873 हो गई है। पिछले 24 घंटे में 149 नए मामले सामने आ चुके हैं। वही मध्यप्रदेश का इंदौर राज्य के बाकी शहरों के मुकाबले सबसे अधिक कोरोना वायरस की चपेट में है। मध्यप्रदेश के कुल 29 कोविड-19 के संक्रमितों में से लगभग आधे इसी शहर के हैं।
इंदौर के बाद जबलपुर संक्रमितों के मामले में दूसरे नंबर है। यहां अभी तक कुल छह कोविड-19 के पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। इसके बाद राज्य की राजधानी भोपाल है, जहां तीन कोविड-19 के संक्रमित पाए गए हैं।
राज्य के अधिकरियों के मुताबकि इंदौर और उज्जैन में इस संक्रमण से दो लोगों की मौत हुई है। 27 लोगों का इलाज जारी है। लगातार कोविड-19 संक्रमितों की बढ़ती संख्या के कारण इंदौर मध्यप्रदेश का हॉटस्पॉट बन गया है।
केवल तीन दिनों में इंदौर में कोविड -19 के पॉजिटिव मामलों की संख्या 15 हो गई है, जबकि राज्य के किसी भी अन्य जिले में जबलपुर और भोपाल को छोड़कर अब तक दो से अधिक मामले दर्ज नहीं हुए हैं।