सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति लगने से पहले ही विवाद शुरू हो गया है। मुरैना में सम्राट की जाति को लेकर गुर्जर और झत्रीय आमने- सामने हो गए हैं। गुर्जर का दावा है कि मिहिर भोज हमारी जाति के थे, जबकि, क्षेत्रीय का कहना है कि नहीं हम उनके वंशज है। हालात तनावपूर्ण होने से तीन दिनों तक मुरैना में स्कूल व कोचिंग संस्थान बंद रखने के आदेश देर रात जारी कर दिए हैं।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर में पिछले दिनों सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति लगने के बाद एक नया विवाद शुरू हो गया है। मुरैना में गुरुवार को सम्राट मिहिर भोज की जाति को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया। करीब एक दर्जन युवाओं ने चलती बस रोककर तोड़फोड़ की और घंटों तक चक्काजाम किया। सम्राट मिहिर को अपनी-अपनी जाति और वंश का बताकर गुर्जर और क्षत्रिय आमने-सामने आ गए हैं।
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मुरैना में सड़क जाम के बाद बानमोर में 12 से अधिक युवकों ने गुरुवार रात को मुरैना व ग्वालियर के बीच चलने वाली बसों में तोड़फोड़ की। हालांकि, उपद्रवियों की ओर से मचाए गए हंगामा पर किसी भी यात्री को चोट नहीं आने की सूचना है। वहीं, तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए जिला प्रशासन ने आगामी तीन दिनों तक मुरैना में स्कूल व कोचिंग संस्थान बंद रखने के आदेश देर रात जारी कर दिए हैं।
मिहिर भोज की पट्टिका पर नाम लिखने को लेकर विवाद
मुरैना में गुरुवार को दिन में एक समुदाय के लोगों ने सड़क जाम भी किया था, प्रदर्शनकारियों ने मिहिर भोज की पट्टिका से नाम हटाने की मांग की। एक समुदाय का कहना है कि सम्राट मिहिर भोज की पटि्टका पर जिस वर्ग का नाम लिखा है, वह गलत है, उसे हटाया जाना चाहिए। क्षत्रिय समुदाय के लोगों को कहना है कि अगर नाम नहीं हटाया गया तो आने वाले समय में इस पर प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
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प्रशासन को हिंसा भड़कने की आशंका
मुरैना जिला प्रशासन को इस बात का अंदेशा है कि दोनों समुदाय इस बात को लेकर अड़े हुए हैं, ऐसे में हिंसा भड़क सकती है। हालात बिगड़ने से पहले ही प्रशासन ने एक आदेश जारी कर जिले के स्कूल व कोचिंग संस्थानों को तीन दिन के लिए बंद रखने का फैसला किया है। दूसरी तरफ शुक्रवार से शहर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात कर दी गई है। साथ ही लोगों से किसी तरह की अप्रिय घटना को अंजाम नहीं देने की अपील की गई है।