मध्य प्रदेश कांग्रेस ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने कहा कि बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद हिंसक गतिविधियों के कैंप चला रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग भी की है।
मध्य प्रदेश के सिवनी के कुरई में मॉब लिंचिंग में दो आदिवासियों की हत्या की जांच कर लौटे नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में भय का वातावरण बनाने के लिए हिंसक गतिविधियों के ट्रेनिंग कैंप भाजपा के संरक्षण में लगाने की जानकारी सामने आई है। गोविंद सिंह ने शिविर की तस्वीरें दिखाकर कहा कि रात दो बजे कौन से आदिवासी गांव में मांस की खरीद बिक्री होती है, यह नरोत्तम मिश्रा को बताना चाहिए। गांव वाले तो आठ बजे सो जाते हैं। आरोपियों ने आधी रात के बाद घरों में घुसकर आदिवासियों को लाठी से पीट पीटकर हत्या की। हत्या के जिन आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा है, वे बजरंग दल और संघ के कार्यकर्ता हैं। इसके प्रमाण सार्वजनिक हैं। गोविंद सिंह ने भाजपा नेताओं के साथ उनकी तस्वीरें साझा कीं।
डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सभी आदिवासी क्षेत्रों को निशाना बनाकर वहां पर हिंसा फैलाने का काम कर रही है, क्योंकि उसे यह मालूम है कि आदिवासी मतदाताओं के आशीर्वाद से ही कांग्रेस की कमलनाथ सरकार बनी थी। उन्हें भय ग्रस्त करके भाजपा वोट देने से रोकना चाहती है।
उन्होंने कहा कि इसी तरह खरगोन में जहां 9 में से 9 सीटें कांग्रेस ने जीती हैं तनाव और हिंसा का वातावरण बनाया गया है। लेकिन शांतिप्रिय जनता चुप नहीं बैठी रहेगी। कांग्रेस गरीब और वंचित वर्ग के लिए न्याय के दरवाजे खुलवा कर रहेगी।
डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा कि आदिवासियों को न्याय देने के लिए गृहमंत्री का फोन नहीं आता। उनका फोन आया था, नेता प्रतिपक्ष बनने की बधाई के लिए। नरोत्तम मिश्रा बोले कि वे मेरे घर आना चाहते हैं मैंने पूछा किसलिए तो बोले कि बधाई देने के लिए। मैंने कहा फोन पर ही दे दो, तो कहने लगे वे संसदीय कार्यमंत्री हैं यह उनका दायित्व है। मैंने कहा कि पीड़ितों के आंसू पोंछना भी आपका दायित्व है।
बता दें नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के साथ सांसद नकुल नाथ, विधायक तरुण भनोट, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष हिना कांवरे और पूर्व विधायक रजनीश सिंह भी पीड़ितों के परिजनों से मिले। सिंह ने बताया कि एक परिवार के घर में तो एक भी पुरुष नहीं बचा। छह महिलाएं हैं। उनके जीवन यापन की व्यवस्था होना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष सिंह ने जांच दल की ओर से घटना की न्यायिक जांच कराने की मांग की।