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कांग्रेस नेता बोले, जब तक बिजली घोटाले की जांच नहीं होगी, नहीं भरेंगे बिल

Wed, 29 Mar 2017 06:48 PM IST
amarujala.com- presented By: अभिषेक तिवारी
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अजय सिंह, कांग्रेस नेता, एमपी
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कांग्रेस नेता अजय सिंह ने घोषणा की है कि वह अपने बिजली बिल का भुगतान नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, जब तक 50,000 करोड़ रुपये की बिजली खरीद घोटाले की जांच के लिए आदेश नहीं दिया जाता, तब तक वह अपने बकाया बिजली बिल का भुगतान नहींं करेंगे है। इसके साथ ही अजय सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे उनके उदाहरण को अपनाये और बिजली की बकाया राशि का भुगतान न करें। उन्होंने कहा, सरकार निजी बिजली उत्पादन कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए उपभोक्ताओं को लूट रही है। सिंह ने संवाददाताओं से कहा, "यदि बिल का भुगतान न करने से मेरा बिजली कनेक्शन बंद कर दिया गया, तो मैं कैंडललाइट से जीवित रहूंगा।"
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कांग्रेस नेता ने यह बात अपने विपक्षी आम आदमी पार्टी के नेता पर प्रतिक्रिया देने के दौरान कही। उन्होंने कहा, शिवराज सरकार ने छह निजी बिजली उत्पादन कंपनियों के साथ गैरकानूनी रूप से समझौता किया है। आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर आप ने सरकार पर घोटाले का आरोप बनाया था। आप ने दावा किया कि राज्य ने निजी कंपनियों के साथ 1563 मेगावॉट के लिए सालाना 1563 मेगावाट का तय शुल्क का वादा किया है। सरकार ने 25 साल के लिए बिजली खरीद समझौते (पीपीए) पर हस्ताक्षर किए हैं।

कांग्रेस का दावा है कि यह देश का सबसे बड़ा बिजली घोटाला है। जिसमें सरकार ने निजी कंपनियों से 84 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली खरीदी है। राज्य सरकार ने 11,000 मेगावाट की बिजली की मांग की है, जबकि सरकार ने 17,500 मेगावाट के लिए हस्ताक्षर किए हैं। मध्यप्रदेश में बिजली का टैरिफ सबसे ज्यादा है क्योंकि यहां निजी कंपनियों से उच्च दर पर बिजली खरीदी जा रही है।"
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गौरतलब है कि यह मामला राज्य विधानसभा में शुक्रवार को भाजपा विधायक मेहगांव मुकेश सिंह चतुर्वेदी ने भी पेश किया था। जिन्होंने सरकार से निजी कंपनियों को भुगतान क्यों किया इस बारे में पूछा था। जवाब में, ऊर्जा मंत्री पारस जैन ने कहा, "राज्य में केवल 4,500 मेगावाट बिजली थी और राज्य को आवश्यकता 11,000 मेगावाट की थी। इसलिए हमने बिजली कंपनियों के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए। अब हमारे पास अतिरिक्त बिजली है लेकिन हम 25 साल के लिए इस समझौते के लिए तैयार हैं। "
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