मध्यप्रदेश के दो मंत्रियों पर रिश्वत लेने के आरोप का मामला अब तूल पकड़ने लगा है।
दरअसल भोपाल के दो उद्योगपतियों के घर आयकर विभाग के छापे में कुछ डायरियां बरामद हुई थीं। इन डायरियों में प्रदेश के खनन मंत्री राजेंद्र शुक्ल और संस्कृति मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा को लाखों रुपए रिश्वत देने की बात लिखी हुई थी।
इन दोनों मंत्रियों का पक्ष लेते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पत्रकार वार्ता में कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेता मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों से पहले केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर भाजपा सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी आरोप लगाया गया कि सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हाल में हुई बैठक में केंद्रीय एजेंसियों के जरिए भाजपा नेताओं और सरकार को बदनाम करने की रणनीति बनाई गई है।
विजयवर्गीय ने कहा कि आयकर विभाग की कथित रिपोर्ट भी जानबूझ कर लीक कराईं गईं। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट में जिन दो मंत्रियों ने नाम आए हैं वे पूरी तरह निर्दोष हैं और हम उनके साथ हैं।
2008 के चुनाव प्रचार का खर्च उठाया था सुधीर शर्मा ने
भाजपा से जुड़े कारोबारी सुधीर शर्मा के संबंध में खुलासों का दौर जारी है।
आयकर विभाग की अप्रैजल रिपोर्ट के अनुसार पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा द्वारा चलाए गए ऑपरेशन विजय अभियान में भी शर्मा ने अपनी कंपनी के माध्यम से बड़ी रकम खर्च की थी।
चुनाव प्रचार के लिए लगी गाड़ियों के किराए आदि के 45 लाख के बिल शर्मा ने चुकाए थे।