भाजपा उपाध्यक्ष उमा भारती ने सांप्रदायिकता के मुद्दे पर कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को सांप्रदायिक कहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि 1984 में सिख विरोधी दंगे के दौरान केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।
सिख विरोधी दंगे का जिक्र करते हुए उमा ने कहा कि यह देश का अब तक सबसे बड़ा सांप्रदायिक दंगा है और जब यह दंगा हुआ तब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।
कांग्रेस पर अल्पसंख्यक तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए उमा ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ चुनावी राजनीति के तहत ऐसा करती है। कांग्रेस जानती है कि अगर वह ऐसा नहीं करती तो मुसलिम मतदाता चुनाव परिणाम बदल सकते हैं।
उमा हाल में हुए भाजपा को गोवा सम्मेलन में शामिल नहीं हुई थीं। उन्होंने इसका कारण अपने खराब स्वास्थ्य को बताया था। सम्मेलन में नरेंद्र मोदी को पार्टी की चुनाव प्रचार समिति की कमान सौंपी गई थी।
एक सवाल के जवाब में उमा भारती ने कहा कि यह पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह तय करेंगे कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में उन्हें क्या भूमिका निभानी है।
गौरतलब है कि उमा मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं।