कांग्रेस को इन दिनों मध्यप्रदेश के महाकौशल, मालवा और बुंदेलखंड क्षेत्र में वे तालाब दुश्मन जैसे दिख रहे हैं, जिनमें कमल के फूलों पर बहार आई है।
पार्टी ने सोमवार को चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कमल के फूलों के ढंकने की मांग उठाई है। उसका कहना है कि यह भाजपा का चुनाव चिन्ह है और इससे मतदाता का झुकाव भगवा दल की ओर हो सकता है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस ने आयोग से आग्रह किया कि देश भर में बेचे जाने के लिए जिन तालाबों में कमल खिलाए गए हैं, उन्हें कवर करने के निर्देश दिए जाएं।
भाजपा के प्रवक्ता विश्वास सारंग ने इस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि यह कांग्रेस का मानसिक दिवालियापन और खोखलापन दिखाता है।
उन्होंने कहा, "इसका मतलब यह भी हुआ कि लोगों को अपने हाथ छिपाकर चलने चाहिए, क्योंकि यह कांग्रेस का चुनाव चिन्ह है।"
कांग्रेस के पार्षद अमर चंद बवारिया ने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के वक्त बहुजन समाज पार्टी का चुनाव चिन्ह हाथी की प्रतिमाएं छिपाई जा सकती हैं, तो ऐसा कमल के फूलों को लेकर भी हो सकता है।
चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश चुनावों के वक्त लखनऊ और दूसरे इलाकों में मायावती के पत्थर के हाथियों को ढंकने का फैसला किया था। यह फैसला इसलिए किया गया, क्योंकि हाथी बसपा का चुनाव चिन्ह है।