कांग्रेस लोकसभा चुनाव में अभिनेता आशुतोष राणा को मध्यप्रदेश में अपना उम्मीदवार बना सकती है। मूल रूप से मध्यप्रदेश के ही रहने वाले आशुतोष राजनीति पर अपनी बेबाक टिप्पणियों से भी पहचाने जाते हैं। पार्टी आशुतोष को जबलपुर या सागर लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाना चाहती है। इन दोनों ही सीटों पर कांग्रेस आखिरी बार वर्ष 1991 में जीती थी। इसके बाद से लगातार भाजपा के हाथों शिकस्त झेलती आ रही है। विधानसभा चुनाव में कुछ बदली तस्वीर के बाद कांग्रेस को लगता है इन सीटों पर वापसी की जा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक आशुतोष राणा को लेकर मध्यप्रदेश के नेताओं ने उनसे बातचीत भी की लेकिन अभी तक उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया है। राणा अध्यात्म गुरु देवप्रकाश शास्त्री (दद्दा जी) के काफी करीब हैं और उन्होंने यह फैसला शास्त्री पर छोड़ा है। आशुतोष मध्यप्रदेश में सक्रिय रहते हैं। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की नर्मदा यात्रा के दौरान वे न केवल समापन कार्यक्रम में पहुंचे थे बल्कि कार्यक्रम का संचालन भी किया था। नरसिंहपुर जिला के बरमान घाट में आयोजित कार्यक्रम में राणा के अलावा दद्दा जी भी मौजूद थे।
बागी तेवर वाले भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा पर भी नजर :
मध्यप्रदेश में सरकार बनने के बाद कांग्रेस की निगाह खास तौर से उन लोकसभा सीटों पर है जहां उसे लंबे समय से पराजय मिलती रही है। ऐसी सीटों के लिए पार्टी भारी-भरकम उम्मीदवार उतारना चाहती है। राजधानी भोपाल भी हाई प्रोफाइल सीटों में शामिल है। भोपाल के लिए यूं तो पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को मजबूत दावेदार माना जा रहा है लेकिन यहां करीब ढाई लाख कायस्थ मतदाताओं के चलते पार्टी बागी तेवर वाले पटना से भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा को भी बेहतर विकल्प मानकर चल रही है।
चूंकि शत्रुघ्न सिन्हा अभी भाजपा में हैं और उन्होंने पटना सीट से नहीं लड़ने की घोषणा भी नहीं की है, ऐसे में कांग्रेस उन्हें संदेश देने के साथ अनुकूल जातीय समीकरण वाली एक सुरक्षित सीट भी ऑफर कर रही है। हालांकि 1989 के बाद से कांग्रेस इस सीट पर कभी नहीं जीती है। भाजपा यहां लगातार आठ बार से जीतती रही है।