जबलपुर में स्कूल में नाटक के मंचन में बापू की हत्या का चित्रण
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मध्य प्रदेश के जबलपुर में गांधी जयंती के मौके पर एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान गोडसे को कथित तौर पर संघ सदस्य चित्रित किए जाने का मामला तूल पकड़ रहा है। दरअसल स्कूल में एक नाटक का मंचन किया गया था जिसके खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।
जबलपुर के स्मॉल वंडर स्कूल में गांधी जयंती के मौके पर एक नाटक का मंचन किया गया। एएनआई के मुताबिक इस नाटक में कथित तौर पर नाथूराम गोडसे को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का सदस्य दिखाया गया। हिंदू सेवा परिषद के कार्यकर्ताओं ने इस पर आपत्ति जताते हुए भगवानगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
रीवा में गांधी को बताया 'राष्ट्रद्रोही'
मध्य प्रदेश के ही रीवा में गांधी जयंती के मौके पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अपमान का षड्यंत्र रचा गया। असामाजिक तत्वों ने बापू की प्रतिमा पर 'राष्ट्रद्रोही' लिख दिया। इस घटना से लोगों की भावनाएं आहत हुईं और लोगों ने तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। यह मामला शांत भी नहीं हुआ था कि बापू भवन से कलश चोरी होने की सनसनीखेज घटना हो गई।
कांग्रेस ने इस घटना पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। कांग्रेस ने इस घटना को बापू के हत्यारे नाथूराम गोडसे की विचारधारा से जुड़े लोगों की करतूत बताया। पुलिस ने मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और आरोपियों की तलाश कर रही है।
बता दें कि भारत को ब्रिटिश शासन से आजादी दिलाने में महात्मा गांधी ने अहम भूमिका निभाई थी। उनके सत्याग्रह और अहिंसक आंदोलन का लोहा पूरी दुनिया ने माना है। हालांकि, भारत में एक समूह ऐसा भी है जो गांधी को भारत-पाक विभाजन का जिम्मेदार बताता है और उन्हें हिंदुओं के खिलाफ मानता है। इनका मानना है कि वह मुसलमानों के समर्थक थे। इसी सोच की वजह से नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी 1948 को उनकी हत्या कर दी थी।
महात्मा गांधी के निधन के बाद उनकी अस्थियों को नदी में विसर्जित नहीं किया गया था। बल्कि, उन्हें अलग-अलग हिस्सों में विभाजित कर भारत में बने महात्मा गांधी के विभिन्न संग्रहालयों में रखा गया था। रीवा का गांधी भवन भी ऐसा ही एक संग्रहालय है। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय कांग्रेस नेता गुरमीत सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी।