रतनगढ़ माता मंदिर में भगदड़ की गाज पुलिस और प्रशासन पर गिरी है। मुख्यमंत्री के दौरे के बाद कलेक्टर, एसपी, एसडीएम, एसडीओपी समेत अतरेटा थाने के सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। हादसे को लेकर लोगों में जबरदस्त नाराजगी है।
सोमवार को घायलों से मिलने दतिया पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अस्पताल के बाहर विरोध का सामना करना पड़ा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंगलवार को जांच आयोग बन जाएगा। सरकार चुनाव आयोग से आग्रह करेगी कि दो माह में जांच पूरी कर ली जाए और उसके बाद पंद्रह दिनों में कार्रवाई पूरी की जाए।
घायलों से मिलने के बाद भोपाल पहुंचे शिवराज सिंह ने बताया कि दतिया के कलेक्टर संकेत भोंडवे, एसपी चंद्रशेखर सोलंकी, एसडीएम महीप तेजस्वी, एसडीओपी बीएन बसवे और पूरे अतरेटा थाने को निलंबित करने की अनुशंसा निर्वाचन आयोग के पास भेज दी गई है। देर शाम आयोग की सहमति पर सभी को निलंबित कर दिया गया।
चंबल रेंज के डीआईजी डीके आर्य ने अमर उजाला को बताया कि हादसे में मरने वालों की संख्या 119 हो गई है। गोताखोर सिंध नदी में शव तलाश रहे हैं। कुछ घायलों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, लेकिन अभी 10 घायल गंभीर हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है।
दतिया के अपर कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत संदीप माकन ने बताया कि गंभीर घायलों को ग्वालियर भेजा जा रहा है। मृतकों व लापता लोगों के परिजनों को सूचना देने के लिए कंट्रोल रूम की भी व्यवस्था कर दी गई है।
गौरतलब है कि कांग्रेस के नेताओं ने जिस तरह से शिवराज सरकार पर हमला बोला था उससे लग रहा था कि मुख्यमंत्री बड़ी कार्रवाई की जाएगी।