छिंदवाड़ा में एंबुलेंस में परीक्षा देती छात्रा।
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कहते हैं यदि मन में सच्ची लगन हो और कुछ कर गुजरने की लालसा हो तो फिर कोई भी अड़चन हमारा रास्ता नहीं रोक सकती। कुछ ऐसा ही जज्बा छिंदवाड़ा में कक्षा पांचवीं की मासूम बच्ची में देखने को मिला। वह बीमार होने के बाद भी एंबुलेंस से वार्षिक परीक्षा का पर्चा हल करने पहुंच गई। उसे देखकर हर कोई हतप्रभ रह गया।
छात्रा ने एंबुलेंस में बैठे-बैठे लगभग एक घंटे में पूरा पर्चा हल कर दिया और मिसाल कायम कर ली। दरअसल, छिंदवाड़ा विकासखंड के ग्राम लोनिया मारू में कुछ ऐसा नजारा देखने को मिला। कक्षा पांचवी की छात्रा अलीशा अली ग्राम बोहना खैरी में रहती है। पिछले कुछ दिन से वह ब्लड शुगर की बीमारी से जूझ रही है। उसने पहले के सभी पर्चे हल कर दिए लेकिन गणित के पर्चे के एक दिन पहले उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। इस कारण उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। शनिवार को उसका गणित विषय का पेपर था। वह अस्पताल में भर्ती थी। अगर वह पेपर देने नही आती और अनुपस्थित रहती। इससे उसका रिजल्ट बिगड़ सकता था। इसे लेकर लड़की ने भी परीक्षा देने की जिद की। ऐसे में उसके अभिभावक ने स्कूल प्रधानाध्यापक अर्जुन सिंह डेहरिया से चर्चा की।
एंबुलेंस पहुंची स्कूल हर कोई रह गया हतप्रभ
लड़की के पिता आरिफ अली ने बच्ची की अस्पताल से छुट्टी कराई और उसे एम्बुलेंस में परीक्षा केन्द्र माध्यमिक शाला लोनिया मारू लेकर आए। स्कूल के बाहर ही बच्ची को एंबुलेंस में पर्चा दिया गया। उसने वहां पर बैठकर परीक्षा दी। लगभग एक घंटे बाद वह यहां से अपने घर चली गई।