छिंदवाड़ा के जिले के कुंभपानी वन परिक्षेत्र अंतर्गत सिंगारदीप जंगल में आदिवासी युवक की बेरहमी से पिटाई का आरोप एक वनरक्षक पर लगा है। बताया गया है कि सागौन की लकड़ी चोरी के संदेह में युवक को इतनी बुरी तरह पीटा गया कि वनरक्षक की दो लाठियां तक टूट गईं। घटना के विरोध में गुरुवार देर शाम चौरई विधायक और आदिवासी समाज के प्रतिनिधि बिछुआ थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सिंगारदीप के रहने वाले पीड़ित युवक शिवपाल उईके ने बताया कि 7 जुलाई को वह घरेलू उपयोग के लिए जंगल से जलाऊ लकड़ी लेने गया था। लौटते समय खेत के पास वनरक्षक संजय नामदेव ने उसे रोका और बिना कुछ पूछे लाठियों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। युवक ने बताया कि पिटाई इतनी भयानक थी कि दो लाठियां टूट गईं और उसकी आंख सहित पूरे शरीर पर गंभीर चोटें आईं।
बिछुआ थाना प्रभारी मोहन सिंह मर्सकोले ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर आरोपी वनरक्षक संजय नामदेव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 115(2), 351(3) के साथ-साथ एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं 3(1)(द) और 3(5) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है।
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बीट से हटाया गया, जांच समिति गठित
रेंजर मार्तण्ड मरावी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी वनरक्षक को तत्काल प्रभाव से बीट से हटा दिया गया है। साथ ही, घटना की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी।
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वनरक्षक का पिटाई से इनकार
आरोपी वनरक्षक संजय नामदेव ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि 7 जुलाई को शिवपाल को तीन सागौन लट्ठों के साथ खेत में पकड़ा गया था, जबकि उसके अन्य साथी मौके से भाग गए थे। शिवपाल को रेंज कार्यालय लाया गया, उसका मेडिकल परीक्षण करवाया गया और विभागीय प्रक्रिया के बाद अगले दिन उसे छोड़ दिया गया। उसे किसने मारा, मुझे जानकारी नहीं है।