प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में जाने की तैयारी है तो जरा रुक जाएं। क्योंकि आज और कल में आप यहां निकलते हैं तो आपको कई किलोमीटर का सफर करने में जहां आठ से नौ घंटे लगते हैं तो आपको ये दूरी तय करने में कम से कम 24 घंटे से अधिक वक्त लग सकता है।
दरअसल, रीवा में प्रयागराज हाइवे पर रविवार को करीब दस किलोमीटर से भी ज्यादा लंबा जाम लगा रहा। महाकुंभ में जाने और लौटने वाले अलग-अलग राज्यों के लोग फंसे हुए हैं। एमपी-यूपी बॉर्डर पर वाहनों की कतारें लगी हैं। पांच हजार से ज्यादा वाहन इसमें फंसे हुए हैं। इसमें छिंदवाड़ा के भी हजारों लोग हैं और करीब सौ से डेढ़ सौ गाड़ियों के पहिए सुबह से शाम तक थमे रहे। इसके अलावा कटनी, मैहर, सतना, रीवा और चाकघाट समेत कई जगहों पर महाकुंभ में जा रहे वाहनों को पुलिस और प्रशासन की टीम रोक रही है। लोगों से अपील की जा रही है कि प्रयाग के रास्ते में लंबा जाम लगा है। ऐसे में आप लौट जाएं और बाद में जानकारी जुटाने के बाद ही महाकुंभ का सफर करें।
बताया जा रहा है कि शाही स्नान के चलते पहले काफी भीड़ रही और अब लोग कम भीड़ का अंदेशा मानकर महाकुंभ की ओर निकल रहे हैं। ऐसे में रविवार के दिन अवकाश होने और 12 फरवरी को माघ पूर्णिमा होने के कारण श्रद्धालु प्रयागराज की ओर जा रहे हैं। लोग एक दिन पहले ही कुंभ में पहुंचना चाहते हैं। इस वजह से रीवा के गंगेव, चाकघाट, जोगनिहाई टोल प्लाजा, झिरिया टोल प्लाजा, सोहागी घाटी और रायपुर कर्चुलियांन मार्ग पर यात्रियों की भीड़ है। एक दिन पूर्व यानी शनिवार को भी जाम लग गया था। अनुमान लगाया जा रहा है कि ऐसे ही हालत 14 फरवरी तक बने रहेंगे।
135 किमी की दूरी, लग रहे 10 घंटे
छिंदवाड़ा से प्रयागराज मुख्यालय की कई किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों को आठ से 10 घंटे लगते थे। लेकिन रविवार की स्थिति में ये वक्त 18 से बीस घंटे तक लग रहे हैं। दरअसल, रीवा के मंगवा, कटरा, चाकघाट, सुहागी, जसरा, नारीवारी और प्रयागराज जिले के घूरपुर नैनी क्षेत्र में सडक़ों पर वाहनों का रैला दिखाई देता रहा। पिछले तीन दिन से पुलिस आने-जाने वालों को अलग-अलग स्थान पर रोक रही है। ताकि प्रयागराज में अव्यवस्था का माहौल न बनने पाए।
सात हजार वाहनों का लगा जाम
छिंदवाड़ा से सिवनी तक आम आराम से पहुंच जाएंगे, लेकिन इसके बाद का सफर आपके लिए मुसीबत भरा होगा। दरअसल, छपारा से आगे की स्थिती खतरनाक है। इसके बाद से आपको हर सिटी में जाम का सामना करना पड़ेगा। बता दें कि इस मार्ग पर सात हजार वाहनों का जाम लगा हुआ है, ये जाम छपारा से शुरू हो रहा है, इसके बाद जबलपुर में भी वाहनों को घंटों तक रोका जा रहा है। फिर आगे जैसे-तैसे बढ़े तो सतना और फिर रीवा में जाम की स्थिती बनी हुई है। कई लोगों के पास पानी और खाना नहीं है, जिससे वे परेशान हो रहे हैं। स्थानीय दुकानदार उन्हें महंगे दामों में खाद्य सामग्री बेच रहे हैं।
इन समस्याओं पर भी दें ध्यान
- यदि आपके साथ बुजुर्ग और बच्चे हैं तो उनके स्वास्थ्य पर खासा असर पड़ सकता है। भारी वाहनों का जाम लगने की वजह से यहां का तापमान भी बढ़ चुका है और बीमार होने की स्थिति में स्वास्थ्य लाभ मिलने में समस्या आ सकती है।
- यदि आप प्रयागराज में रुकने का सोच रहे हैं तो रकम अच्छी खासी रख लें। दरअसल, यहां भीड़ की वजह से होटल, लॉज में कमरे नहीं मिल रहे। जैसे-तैसे आसपास के जिलों में बड़ी मशक्कत के बाद कमरे मिल भी रहे हैं तो उनके एवज में मोटी रकम चुकाना पड़ रहा है।
- अब तीसरा और सबसे मुख्य समस्या आ रही है भोजन और पानी में। दरअसल, इन रास्तों में जो होटल और ढाबे हैं, वहां पहले से ही खासी भीड़ है। इसके बाद बेहिसाब जनता के कदम लगातार प्रयागराज की ओर बढ़ रहे हैं तो सोचा जा सकता है कि भोजन-पानी और बच्चों के दूध तक की समस्या आ रही है।
- महाकुंभ के चलते शहर में वाहनों की भी कमी हो रही है। दरअसल, लोगों को महाकुंभ में जाने के लिए ट्रेन और बसों में टिकट नहीं मिल रहा। ऐसे में लोग प्राइवेट टैक्सी वाहनों से आना-जाना कर रहे हैं, जिसकी वजह से शहर में टैक्सियों की भारी कमी आ गई है। बताया जाता है कि जो वाहन उपलब्ध हो भी रहे हैं तो ऊंचे दामों में मिल रहे हैं।