अस्पताल में छात्र का उपचार करतीं डॉक्टर
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परासिया के एक स्कूल में उस समय हड़कंप मच गया जब 11वीं के छात्र को बिच्छू ने काट लिया। बिच्छू के काटते ही छात्र असहनीय पीड़ा के कारण तड़पने लगा, लेकिन यहां सबसे शर्मनाक बात ये रही कि स्कूल प्रबंधन को बच्चे पर कोई तरस नहीं आया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाने के पहले छुट्टी का आवेदन लिखवाया गया। छात्र के साथ कोई स्कूल का स्टाफ भी अस्पताल नहीं गया, जिसने शिक्षकों की संवेदनशीलता पर प्रश्न चिह्न लगा दिया।
जानकारी के अनुसार 11वीं आर्ट्स कक्षा में हनुमान यदुवंशी के पैर में बिच्छू ने काट लिया। हनुमान यदुवंशी दरबई गांव का निवासी है। जैसे ही उसे पैर में दर्द हुआ उसने देखा तो बिच्छू वहीं पर मौजूद था। उसके बाद उसने टीचर को जानकारी दी। सबसे पहले उसके परिवार में सूचना दी गई। इसके बाद उससे छुट्टी का आवेदन लिखवाया गया। फिर गार्ड के साथ अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में उसका उपचार डॉ. अमन सिद्धिकी ने किया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालात में सुधार था।
शिक्षकों की यह कैसी संवेदनशीलता
स्कूल में जिस तरह से आज यह वाकया सामने आया उसने स्कूल प्रबंधन पर कई सवाल खडे़ कर दिए। संबंधित छात्र के परिजनों का कहना है कि उनका बच्चा बिच्छू काटने के कारण तड़प रहा था, लेकिन स्कूल प्रबंधन को एप्लीकेशन की पड़ी थी। फिलहाल संबंधित शिक्षकों की संवेदनशीलता पर भी प्रश्न चिह्न लग रहा है।