एक ही जगह वर्षों से पदस्थ श्रम निरीक्षक संदीप मिश्रा की कार्यप्रणाली एक बार फिर चर्चा में है। सौंसर के विधायक विजय चौरे की ओर से विधानसभा में 20 वर्षों से पदस्थ रहने का मामला उठाने के बाद पंचायत और श्रम मंत्री प्रह्लाद पटेल ने उनको हटाने की घोषणा की थी। हालांकि श्रम निरीक्षक संदिप मिश्रा के स्थानांतरण की घोषणाओं के बावजूद अब तक उन्हें जिले से नहीं हटाया गया है। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार श्रम निरीक्षक मिश्रा की छिंदवाड़ा में लंबे समय से पोस्टिंग के चलते उनकी कार्यशैली पर संदेह बना हुआ है। बताया जा रहा है कि उनकी कार्यशैली को लेकर स्थानीय व्यापारियों और श्रमिकों में असंतोष है। कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों का आरोप है कि वह अक्सर कार्यालय में शराब पीकर बैठते हैं, जिससे सरकारी कामकाज प्रभावित होता है।
सूत्रों के अनुसार संदिप मिश्रा ने छिंदवाड़ा में किसी अन्य श्रम अधिकारी की नियुक्ति नहीं होने दी, ताकिवह मनमाने तरीके से काम कर सके। स्थानीय विधायक ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। विधायक विजय चौरे ने आरोप लगाया है कि संदिप मिश्रा ने अपने पद का दुरुपयोग कर अकूत संपत्ति अर्जित की है। उन्होंने सरकार से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
राजनीतिक संबंधों पर भी उठे सवाल
बताया जा रहा है कि संदिप मिश्रा पहले कांग्रेस के करीबी माने जाते थे, लेकिन अब वह भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं। इससे प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा है कि कहीं इसी वजह से उनका स्थानांतरण रुका हुआ तो नहीं। श्रम निरीक्षक संदिप मिश्रा की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। देखना होगा कि मंत्री प्रह्लाद पटेल की घोषणा के बाद क्या प्रशासन इस पर कोई ठोस कदम उठाएगा या मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाएगा।