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Chhindwara News: प्राधिकरण अध्यक्ष पर उत्पीड़न के आरोप, गेस्ट टीचर बोले- बच्चों के सामने करते हैं बेइज्जती

Wed, 30 Jul 2025 09:20 PM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा

सार

मध्यप्रदेश में भारिया जनजाति विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष दिनेश अंगारिया पर गेस्ट टीचरों ने अपमान और पैसों की मांग के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिक्षकों का दावा है कि उन्हें बच्चों के सामने बेइज्जत किया गया और नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है। अध्यक्ष ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए शिक्षकों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। 
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क्लास रूम में मौजूद अध्यक्ष। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारिया जनजाति विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त नेता दिनेश अंगारिया पर गेस्ट टीचरों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। खिरकीघाट माध्यमिक शाला में पदस्थ अतिथि शिक्षक गुलशन डेहरिया और शिवकुमार डेहरिया ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपी। आरोप है कि अध्यक्ष स्कूल में बच्चों के सामने बार-बार उनकी बेइज्जती करते हैं और नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है।

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शिक्षकों ने शिकायत में कहा कि वे वर्षों से शाला में कार्यरत हैं। जब मानदेय मात्र तीन हजार रुपये था, तब से सेवाएं दे रहे हैं। हमारा शैक्षणिक रिकॉर्ड संतोषजनक है। इसके बावजूद पिछले सत्र में अध्यक्ष द्वारा हमसे 15 हजार रुपये नकद लिए गए। अब राजनीतिक दबाव बनाकर हमें स्कूल से हटाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आगे बताया कि वे बेहद गरीब परिवार से आते हैं, मजदूरी कर पढ़ाई की और डीएड डिग्री हासिल की है। हमें अपमानित कर मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है, ताकि अपने करीबी लोगों को शिक्षक पद पर नियुक्त किया जा सके।

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अध्यक्ष बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं, मेरी बेटी भी वहीं पढ़ती है
शिकायतों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्राधिकरण अध्यक्ष दिनेश अंगारिया ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक समय पर स्कूल नहीं आते, कॉल करने पर पूजा या घरेलू काम का बहाना बनाते हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। मेरी बेटी भी इसी स्कूल में पढ़ती है, ऐसे में लापरवाही कैसे सहन कर सकता हूं? अंगारिया ने यह भी बताया कि उन्होंने शाला की स्थिति को लेकर एसी ट्राइबल और अन्य अधिकारियों को अवगत कराया है। अगर मैं अपने गांव के स्कूल की व्यवस्था भी नहीं सुधार सका, तो फिर प्राधिकरण अध्यक्ष होने का औचित्य ही क्या?
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प्रशासन की चुप्पी, जांच की मांग
यह मामला सीधे तौर पर जनजातीय प्राधिकरण अध्यक्ष से जुड़ा होने के बावजूद अब तक जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और पुलिस की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इधर, गेस्ट टीचर संघ और कई सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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