पांढुर्णा जिले के सौसर तहसील क्षेत्र में शुक्रवार देर रात कर्मचारियों से भरे वाहन पर हुई फायरिंग की घटना से सनसनी फैल गई। रेमंड कंपनी के कर्मचारियों को लेकर लौट रहे वाहन पर अज्ञात बदमाशों ने अचानक गोली चला दी। गोली वाहन का अगला शीशा तोड़ते हुए आर-पार निकल गई। गनीमत रही कि वाहन में सवार सातों कर्मचारी बाल-बाल बच गए, हालांकि शीशे के टुकड़े लगने से एक कर्मचारी घायल हो गया।
घटना साईखेड़ा और रायसोनी कॉलेज के बीच स्थित सूनसान मार्ग पर हुई, जहां रात के समय अक्सर सन्नाटा पसरा रहता है। अचानक हुई फायरिंग से वाहन में अफरा-तफरी मच गई। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन नहीं रोका और सीधे पांढुर्णा की ओर निकल गया।
जानकारी के अनुसार रेमंड कंपनी के कर्मचारी ड्यूटी खत्म होने के बाद रोजाना की तरह वाहन से अपने घर लौट रहे थे। वाहन मालिक बबलू सोनकुसरे ने बताया कि जैसे ही वाहन साईखेड़ा से आगे रायसोनी कॉलेज मार्ग पर पहुंचा, तभी सामने से तेज रफ्तार में एक काले रंग की कार आई और उसमें सवार बदमाशों ने अचानक वाहन को निशाना बनाकर फायरिंग कर दी। गोली सीधे वाहन के अगले हिस्से पर लगी और तेज धमाके के साथ शीशा चकनाचूर हो गया। घटना के बाद वाहन में बैठे कर्मचारी बुरी तरह घबरा गए।
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फायरिंग के दौरान वाहन में बैठे कर्मचारी विनोद गजभिए को मामूली चोट आई। बताया गया कि गोली लगते ही वाहन का शीशा टूट गया और उसके टुकड़े उनके चेहरे और शरीर पर आकर लगे। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि गोली थोड़ी भी इधर-उधर लगती तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद सभी कर्मचारी भयभीत हैं।
घटना की सूचना मिलते ही लोधीखेड़ा थाना पुलिस सक्रिय हो गई। थाना प्रभारी एबी मर्सकोले के नेतृत्व में पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। खासतौर पर काले रंग की संदिग्ध कार की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फायरिंग किसी पुरानी रंजिश का नतीजा थी या कर्मचारियों को डराने के उद्देश्य से की गई वारदात।
स्थानीय लोगों का कहना है कि साईखेड़ा और रायसोनी कॉलेज के बीच का मार्ग लंबे समय से असुरक्षित बना हुआ है। रात के समय यहां पुलिस गश्त बेहद कम रहती है, जिससे असामाजिक तत्व सक्रिय रहते हैं। ग्रामीणों और कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर नियमित पुलिस पेट्रोलिंग शुरू की जाए और रात के समय सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए।
घटना के बाद कर्मचारियों और उनके परिवारों में भय का माहौल है। देर रात जब घटना की जानकारी परिजनों तक पहुंची तो कई परिवार घबरा गए। कर्मचारियों का कहना है कि वे रोज इसी मार्ग से आवाजाही करते हैं, लेकिन अब खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी हुई है और क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।