छिंदवाड़ा जिले के चौरई ब्लॉक की बतरी पंचायत में पिछले पांच दिनों से डायरिया का प्रकोप फैला हुआ है। अब तक लगभग 50 लोग इससे प्रभावित हो चुके हैं, जिनमें से केवल 10 से 12 लोगों का उपचार अभी जारी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित गांवों में दवाईयां वितरित की हैं, जबकि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग ने जल स्त्रोतों का क्लोरीनेशन कर ग्रामीणों को जागरूक किया है। नलजल योजना के तहत कुएं से हो रही पेयजल सप्लाई का सैंपल लिया गया है।
बतरी पंचायत के खापाबिहारी और बारी गांव भी इस पंचायत के अंतर्गत आते हैं, लेकिन फिलहाल डायरिया का प्रकोप केवल ग्राम बतरी में देखने को मिला है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले पांच दिनों में ग्राम बतरी में लगभग 50 लोग उल्टी-दस्त से ग्रस्त हो गए हैं। इनमें से अधिकांश लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से अब अधिकांश स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। केवल 10 से 12 लोगों का इलाज अभी भी जारी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में जाकर दवाईयां वितरित की हैं और पीएचई विभाग ने जल स्त्रोतों का क्लोरीनेशन किया है।
कुएं के पानी से फैल रहा संक्रमण
बतरी सहित अधिकांश गांवों में आज भी कुएं से पानी की सप्लाई सीधे नलों में होती है। इन खुले कुओं को सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इसके साथ ही, कुएं के पानी को फिल्टर करने की कोई योजना भी नहीं बनाई गई है, जिसके कारण पानी में संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ जाती है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए, पीएचई विभाग ने जल स्रोतों का सैंपल लेकर उनकी जांच शुरू कर दी है, ताकि पानी की गुणवत्ता को सुनिश्चित किया जा सके और भविष्य में ऐसे संक्रमणों को रोका जा सके।