जिले के जुन्नारदेव थाना क्षेत्र के खापा स्वामी गांव में सोमवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में 75 वर्षीय बुजुर्ग मदन डहरिया की घर के भीतर लगी आग में जिंदा जलकर मौत हो गई। लंबे समय से बीमार और असहाय होने के कारण वे खुद को बचा नहीं सके।
परिजनों के अनुसार मदन डहरिया पिछले करीब पांच वर्षों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। हालत इतनी खराब थी कि वे उठ-बैठ भी नहीं पाते थे और पूरी तरह दूसरों पर निर्भर थे। सोमवार दोपहर कुछ समय के लिए जब घर में कोई मौजूद नहीं था, इसी दौरान अचानक घर में आग लग गई। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट, जलते दीये या चूल्हे से आग भड़की हो सकती है लेकिन पुलिस ने किसी भी कारण की पुष्टि नहीं की है।
स्थानीय लोगों ने घर से धुआं उठता देखा तो मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक आग तेजी से फैल चुकी थी। ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की पर सीमित संसाधनों के चलते समय पर काबू नहीं पाया जा सका। जब तक लोग अंदर पहुंचे, तब तक बुजुर्ग पूरी तरह झुलस चुके थे।
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घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और घर का मंजर देखकर बेसुध हो गए। हादसे के बाद गांव में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।
सूचना पर पहुंची डूंगरिया पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सटीक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
यह घटना एक बड़ा सवाल भी खड़ा करती है कि अकेले और बीमार बुजुर्गों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में निगरानी और सुरक्षा उपाय बेहद जरूरी हैं, ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।