अग्निकांड में हुई थी तीन की मौत।
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छिंदवाड़ा के उमरेठ के नेहरू चौक में 18 महीने पूर्व हुए अग्निकांड की गुत्थी अभी तक नहीं सुलझ पाई है। उमरेठ अग्निकांड में तीन मासूमों की जान जा चुकी है। अग्निकांड प्रकरण विधान सभा में भी गूंजा, दो बार एसआईटी गठन के बाद भी आग लगने के कारणों का खुलासा हुआ और न ही आरोपी की पहचान हो पाई। आग में साहू परिवार के पांच सदस्य झुलसे थे, जिसमें तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई थी। महिला का इलाज अभी भी जारी है।
साहू परिवार के मुखिया सुभाष नवलू साहू और उनकी पत्नी संतोषी साहू ने उमरेठ थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर मामले में जल्द उचित कार्रवाई नहीं होने पर 12 मई को थाना परिसर में पहुंचकर आत्मदाह कर चेतावनी दी है। घटनाक्रम का ज्ञापन में जिक्र करते हुए साहू परिवार के मुखिया सुभाष नवलू और संतोषी ने बताया कि उन्होंने अपनी दिव्यांग बेटी और दो बेटों को खो दिया है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया है, लेकिन अब तक आरोपियों तक पुलिस नहीं पहुंच पाई है।
उनका कहना है कि तात्कालीन थाना प्रभारी ने मामले की ठीक से जांच नहीं की और सबूतों को भी नष्ट करने का प्रयास किया था। मांग के बाद भी मामले की जांच सीबीआई से नहीं कराई गई। एसआईटी का गठन दोबारा किया गया, लेकिन अभी तक मामले का खुलासा नहीं हो पाया है। जिससे आरोपी अब तक खुला घूम रहे है। दंपती ने कहा है कि बीते साल 12 मई को उनके बेटे की मौत भी हुई थी। पुलिस अब भी उचित कार्रवाई नहीं करती है, तो इस 12 मई को वे दोनों आत्मदाह कर लेंगे।