छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम परिसर में हनुमान चालीसा हवन के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बड़ी बात यह रही है कि इसमें लगभग डेढ़ लाख भक्तों ने हिस्सा लिया। काशी से आए विद्वान आचार्यगणों द्वारा पारंपरिक वैदिक विधियों के साथ यह धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया गया।
बागेश्वर धाम में बुधवार को भव्य हनुमान चालीसा हवन का आयोजन अत्यंत उत्साह और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। यह बागेश्वर महाराज की ओर से आयोजित पहला हनुमान चालीसा हवन था, जिसमें देश-विदेश से भारी संख्या में भक्त जुड़े। ऑनलाइन माध्यमों और अन्य सोशल प्लेटफॉर्म से 1,32,000 से अधिक भक्तों ने सहभागिता की, जबकि धाम के लगभग 50 हजार वर्ग फीट के टीन शेड में 20 हजार से अधिक श्रद्धालु उपस्थित रहे। कुल लगभग डेढ़ लाख भक्तों ने इस दिव्य अनुष्ठान में आहुति दी। विधि-विधान से प्रारम्भ, मंत्रोच्चारण से वातावरण पावन अनुष्ठान का शुभारंभ बागेश्वर महाराज और काशी से पधारे विद्वान आचार्यगणों द्वारा पारंपरिक वैदिक विधियों के साथ हुआ।
महाराज जी ने घरों पर बैठे भक्तों और धाम में उपस्थित श्रद्धालुओं को क्रमबद्ध रूप से सभी पूजन-विधियां समझाते हुए यज्ञ स्वयं करवाया। इसके बाद पंचमुखी हनुमान जी के बीज मंत्रों, संन्यासी बाबा के नाम तथा हनुमान चालीसा के दो-दो प्रारंभिक दोहों के साथ हवन आरंभ हुआ।
40 चौपाइयों पर दी गईं आहुतियां
पूरी हनुमान चालीसा की 40 चौपाइयों पर आहुतियां दी गईं और अंत में अंतिम दोहे के साथ पूर्णाहुति एवं हनुमान जी की आरती की गई। यह हवन नकारात्मकता हटाने और सकारात्मक ऊर्जा स्थापित करने का उद्देश्य महाराज जी ने कहा कि यह हवन घरों, प्रतिष्ठानों, फैक्ट्रियों और कार्यालयों में फैली नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर, हवन से निकलने वाले शुद्ध और सकारात्मक धुएं द्वारा एक दिव्य वातावरण का निर्माण करता है।
पांच हवन अलग-अलग उद्देश्यों के लिए होंगे
उन्होंने कहा कि जहां कुछ लोग अंग्रेजी नववर्ष को लोग पार्टियों मनाते हैं। वहीं हम इसे हनुमान चालीसा पाठ और यज्ञ से मनाकर सकारात्मकता का शुभारंभ करेंगे। महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि भविष्य में पांच हवन अलग-अलग उद्देश्यों के लिए होंगे। यह पहला हनुमान चालीसा हवन था। महाराज जी ने बताया कि इसी प्रकार के पांच क्रमिक हवन आने वाले महीनों में आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य भक्तों की विभिन्न समस्याओं का समाधान करना होगा।
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खुले मैदान में होगा अगला हवन
द्वितीय हवन कर्ज मुक्ति हेतु होगा जो रविवार 4 जनवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा। कर्ज मुक्ति से संबंधित इस हवन के लिए महाराज ने भक्तों से कहा कि आप सभी आटे के तीन दीपक बनाएं नमक के तीन साबुत टुकड़े साथ रखें। अगला द्वितीय हवन धाम के विशाल खुले मैदान में सम्पन्न होगा। महाराज जी भक्तों के लिए अपने उपदेश में कहा कि घरों में होने वाले इस हवन अनुष्ठान में जो दक्षिणा आप चढ़ाते हैं, उसे किसी मंदिर, देवालय, पंडित-पुजारियों, गरीब कन्या के विवाह अथवा किसी असहाय व्यक्ति को दान करें।
घर की तिजोरी में रखें प्रसाद
उन्होंने बताया कि आज के हवन में प्रयुक्त सुपारी को घर की तिजोरी में और नारियल को घर के प्रवेश द्वार पर बांधने से धन-सुरक्षा बढ़ती है और नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती। महाराज जी ने बताया कि आज लगभग दुनिया भर के डेढ़ लाख सनातनियों ने इस हवन में सम्मिलित होकर अपने घर-परिवार और प्रतिष्ठानों में हवन कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया। सभी पांच हवन पूरे होने पर, अंतिम हवन में श्रद्धालुओं को संन्यासी बाबा का प्रसाद प्रदान किया जाएगा। सभी पांच शब्द अलग-अलग उद्योगों को लेकर किए जाएंगे।