दो महीन पहले किया था नाबालिग से दुष्कर्म
पुलिस के अनुसार 30 वर्षीय भोला अहिरवार ने एक गांव में रहने वाली नाबालिग से करीब दो महीने पहले दुष्कर्म किया था। जिसके बाद पीड़िता ने परिजनों के साथ थाने जाकर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया था। घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहा था और वह पीड़ित परिवार पर राजीनामा करने के लिए लगातार दबाव बना रहा था। लेकिन, पीड़ित परिवार इसके लिए तैयार नहीं था।
परिजनों ने पुलिस पर लगाए थे गंभीर आरोप
गोलीकांड के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि केस दर्ज कराने के बाद पुलिस ने आरोपी पर कार्रवाई नहीं की थी। वह हमें लगातार धमका रहा था, इसे लेकर कई बार पुलिस से शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। जिससे कारण उसने इस वारदात को अंजाम दिया। इधर, गोलीकांड के बाद पुलिस तेजी से सक्रिय हुई और आरोपी की तलाश शुरू की। उसके ऊपर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस ने शव को पीएम के लिए भिजवाया।
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एसपी को बताई लोकेशन
आज मंगलवार करीब नौ बजे आरोपी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट की और एसपी छतरपुर को खुद की लोकेशन बताई। इसके अलावा उसने खुद को निर्दोश बताते हुए कई बातें लिखी। आरोपी की लोकेशन मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उसे पकड़ने की तैयारी शुरू की। इस दौरान उसने पुलिस पर फयारिंग कर दी, पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इस बीच उसने खुद की कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सागर रेंज के आईजी प्रमोद वर्मा का कहना है कि पुलिस से घिरे होने के कारण घबराहट में उसने ऐसा किया होगा।
आरोपी भोला के आखिरी शब्द....
'मैंने किसी का रेप नहीं किया, यह पूरा गांव जानता है। लेकिन, मुझे फिर भी साजिश के अनुसार फंसाया गया, सिर्फ पैसे के लिए और पैसे ले देकर मेरे खिलाफ पोस्को 376 जैसी धारा में केस दर्ज करवाया गया। हां, यह जरूर है कि जो कल हुआ वो मैंने ही किया है। एसपी साहब से मेरा कहना है कि मैं यहां सिद्ध बाबा पूछी वाले रोड के यहां हूं, यहीं मिल जाऊंगा आप आ जाएं। सिविल लाइन टीआई ने बाल्मीक चौबे ने पैसे लेकर मुकदमा कायम किया था, मुझे अपराधी बनाने के लिए। मैं जो गाड़ी लाया था, वह किसी की मांग कर लाया था, उसे इस बारे में कुछ नहीं पता था कि मैं क्या करने वाला हूं। और किसी को जबरदस्ती मुजरिम नहीं बनाना। मेरे खिलाफ जब मुकदमा कायम हुआ, उसमें प्रेमचंद डालू सरपंच और एवीएन दीपक पाली, इन दो दलालों ने उन्हें भटकाया और मुकदमा कायम करवाया। यह पोस्ट में एक मजदूर के मोबाइल से कर रहा हूं जो यहां काम कर रहा है'।