छतरपुर निवासी पद्मश्री डॉ. अशोक हेमल।
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बुंदेलखंड की प्रतिभाएं देश और दुनिया में अपने अंचल का नाम रोशन कर रही हैं। छतरपुर जिले से पद्मश्री प्रो. डॉ. अशोक हेमल को न्यूयार्क में वर्ल्ड यूरोलॉजी रोबोटिक ऑन्कोलॉजी कांफ्रेंस में सम्मानित हुए। प्रोस्टेट कैंसर पर उनके द्वारा किए जा रहे शोध कार्यों के लिए उन्हें विश्व प्रसिद्ध ‘गोल्डेन रोबोट सर्जिकल अवार्ड 2025' से नवाजा गया।
भारत में पहली रोबोटिक किडनी सर्जरी के लिए डॉ. अशोक हेमल को जाना जाता है। छतरपुर के निवासी डॉ. हेमल ने जी-आर. मेडिकल कॉलेज ग्वालियर से स्नातक और वहीं से पीजी किया। इसके बाद एम्स दिल्ली में बतौर प्राध्यापक-यूरोलाजी विभाग में अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित कर चुके हैं। राष्ट्रपति द्वारा पद्मश्री से डॉ. बीसी रॉय अवार्ड से भी सम्मानित किए जा चुके हैं। वर्तमान में वेक फारेस्ट यूनिवर्सिटी, नॉर्थ कैरोलीना में डायरेक्टर, रोबोटिक यूरोलॉजी विभाग में कैंसर शोध में लगे हुए हैं।
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हेमल के छोटे भाई डॉ. आलोक हेमल भी बच्चों में कैंसर के शोध कार्य में विश्व स्तरीय प्रतिभा के लिए विख्यात हैं। डॉ. हेमल का पुत्र भी रोबोटिक यूरोलाजी सर्जरी के विशेषज्ञ हैं, जबकि उनकी पुत्री प्लास्टिक सर्जरी में विशेषज्ञता प्राप्त कर रही हैं। छतरपुर में डॉ. हेमल ने श्री हरगोविंद हेमल ट्रस्ट का गठन कर क्षेत्र के लोगों को नि:शुल्क यूरोलॉजी से संबंधित सेवाएं दी हैं।