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Chhatarpur News: हत्या के तीन आरोपी दोषी करार, कोर्ट ने सुनाया आजीवन कारावास; पानी के विवाद में किया था हमला

Mon, 08 Dec 2025 10:51 AM IST
छतरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर

सार

25 फरवरी 2025 को पानी की बारी को लेकर हुए विवाद के दौरान तीनों आरोपियों ने लोहे की रॉड और डंडों से मोहन पटेल पर प्राणघातक हमला किया था। घायल मोहन ने अपनी पत्नी और बेटे को फोन पर घटना की जानकारी दी, पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
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हत्या के दोषियों को आजीवन कारावास। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश ने हत्या के एक गंभीर मामले में तीन आरोपियों को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। शासन की ओर से अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने अदालत में आरोपियों को कड़ी सजा दिए जाने की मांग की। प्रस्तुत साक्ष्यों और दस्तावेजों के अवलोकन के बाद न्यायालय ने विशाली मिश्रा, हरिराम मिश्रा तथा जगप्रसाद उर्फ अनारी मिश्रा को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा का आदेश सुनाया।
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मामले की जानकारी देते हुए अधिवक्ता वशिष्ठ नारायण श्रीवास्तव ने बताया कि घटना ग्राम माझगुवा थाना बमीठा क्षेत्र की है। 25 फरवरी 2025 को दोपहर लगभग 2 बजे मोहन पटेल अपने शामिलाती खेत के पास कुएं पर पहुंचे थे। यहां विशाली मिश्रा, अनारी मिश्रा और हरिराम मिश्रा मोटरपंप चालू कर सिंचाई कर रहे थे। मोहन पटेल द्वारा यह कहकर मोटरपंप बंद कर दिया गया कि आज पानी लेने की उसकी उसारी है, जिस पर आरोपियों ने आपत्ति जताते हुए उसे गालियां देना शुरू कर दिया। विरोध करने पर आरोपियों ने एकराय होकर मोहन पटेल पर प्राणघातक हमला कर दिया।

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विशाली मिश्रा ने लोहे की रॉड से हमला किया, जो मोहन के सिर पर बाईं तरफ लगी, जबकि अनारी मिश्रा और हरिराम मिश्रा ने डंडों से मारपीट की, जिससे गंभीर चोटें आईं। घायल मोहन पटेल ने घटना की जानकारी फोन पर अपनी पत्नी केसरबाई और बेटे नरेंद्र को दी। इसके बाद परिवारजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा घायल को बमीठा अस्पताल ले जाया गया।
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विवेचना के दौरान मृतक के बयान मोबाइल के माध्यम से दर्ज किए गए। बाद में हालत गंभीर होने के कारण मोहन को जिला अस्पताल छतरपुर रेफर किया गया, जहां कार्यपालिक दंडाधिकारी द्वारा मरणासन्न कथन दर्ज करने का प्रयास किया गया, परंतु वह बयान देने की स्थिति में नहीं थे। उपचार के दौरान मोहन पटेल की मृत्यु हो गई, जिसके बाद प्रकरण में धारा 302 भा.दं.सं. बढ़ाई गई।

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