छतरपुर तहसील के मौजा बगौता स्थित एक सरकारी जमीन पर कब्जा कर भूमाफिया धड़ल्ले से उसकी प्लाटिंग कर बेच रहे हैं। तहसीलदार न्यायालय ने भू माफियाओं को बेदखल कर एक लाख के जुर्माने का आदेश दिया। इसके बाद एसडीएम कोर्ट ने भी बेदखली के आदेश का पालन कराते हुए जुर्माना वसूलने तथा धारा-188 की कार्यवाही के आदेश दिए थे। लेकिन नाकारा और लालची राजस्व अमले ने इन आदेशों का पालन तक नहीं किया। अब ये आदेश सरकारी फाइलों में धूल खा रहे हैं और भूमाफिया मजा मार रहे हैं।
तहसीलदार न्यायालय द्वारा तीन जनवरी 2024 को जारी आदेश के मुताबिक, छतरपुर तहसील के मौजा बगौता स्थित शासकीय भूमि खसरा नंबर 28, 33, 35 रकवा 0.344 हेक्टेर मप्र शासन पर पुष्पेन्द्र राजपूत के पुत्र सचिन, उसकी मामी मीना पत्नी बालमकुन्द राजपूत, साले कवीन्द्र पुत्र भगवत राजपूत, चचेरे भाई महेन्द्र राजपूत और चाचा हरदयाल पुत्र झल्लू छीपा (राजपूत) ने बेजा कब्जा कर लिया है और प्लाटिंग कर उसे बेच रहे हैं। इससे प्रकरण पंजीबद्ध कर अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किया गया। लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया, जिससे एकपक्षीय कार्यवाही की गई। तहसीलदार ने पटवारी रिपोर्ट व साक्ष्य के आधार पर शासकीय भूमि पर अनाधिकृत कब्जा कर प्लाटिंग कर बेचना पाया।
इस आधार पर तहसीलदार ने मप्र भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा-248 (1) के प्रावधान अंतर्गत अतिक्रमणकारियों को भूमि से बेदखल करने का आदेश पारित कर दिया। साथ ही अतिक्रामक के विरुद्ध एक लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया।
यह है आदेश
आदेश में कहा गया कि अतिक्रामक वादग्रस्त भूमि पर से आठ फरवरी 2024 तक अतिक्रमण हटाएं और न हटाने पर लगाए गए जुर्माने के अतिरिक्त बेदखली आदेश दिनांक के बाद प्रतिदिन के मान से दो हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। नियत दिनांक तक जुर्माना जमा न करने पर बकाया भू-राजस्व की भांति वसूल किया जाएगा। साथ ही नियत दिनांक तक अतिक्रमण न हटाने पर संहिता की धारा 248 (2) के तहत सिविल जेल की कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।
एसडीएम का आदेश भी बेअसर
तहसीलदार कोर्ट के आदेश का पालन न होने पर आरोपित पुष्पेंद्र राजपूत के भाई राजेंद्र राजपूत की शिकायत पर 17 मई 2024 को छतरपुर एसडीएम ने तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारी को आदेश जारी कर शिकायतकर्ता के आवेदन के तथ्यों की जांच हेतु दल गठित करते हुये निर्देशित किया कि आवेदन के बिन्दुओं की जांच करने तथा नियमानुसार आरोपित जुर्माने की वसूली करने सहित मौके से बेदखली कराने के निर्देश दिए। एसडीएम ने यह भी कहा कि यदि अवैध रूप से छोटे-छोटे भू-खण्डों के रूप में अवैध कॉलोनी निर्मित करने के उद्देश्य से क्रय-विक्रय अथवा अवैध कब्जा स्थिति प्रकाश में आये तो अवैध कॉलोनी के प्रस्ताव सहित धारा-188 को कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। लेकिन पूरे राजस्व अमले ने एसडीएम के आदेश को भी नहीं माना और आज तक कोई एक्शन नहीं लिया।
शीघ्र ही कार्यवाही करेंगे। मैं इस प्रकरण में वस्तुस्थिति की जानकारी लेकर शीघ्र ही इस मामले में विधि सम्मत कार्यवाही करूंगा।
अखिल राठौर, एसडीएम छतरपुर